जूड़नपुर लबे सडक स्थित एक गुप्त गोदाम पर जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम के निर्देश पर अधिकारियों की टीम ने छापेमारी की। इस दौरान कालाबाजारी की नीयत से रखे गए114 बोरी चावल 103 बोरी गेहूं बरामद किया। कार्रवाई के दौरान कोई भी कालाबाजारी नहीं मिला। गोदाम में पडी सरकारी बोरियां व पल्टी कर सस्ता बनाई गई चावल व गेहूं की बोरियों को विपणन निरीक्षक दानिश खां को सुपुर्द किया गया।
उधर, पत्रकारों के सवालों से तिलमिलाए डीएसओ ने मीडियाकर्मियों से बदसलृूकी की। बताया जाता है कि जिलाधिकारी को सूचना मिली की जूडनपुर स्थित एक मकान मे कालाबाजारी हेतु गरीबो का राशन उतारा जा रहा है। डीएम ने एसडीएम रसड़ा गंभीर सिंह के नेतृत्व मे टीम गठित कर तुरंत छापेमारी का निर्देश दिया। टीम मे जिलापूर्ति अधिकारी विनय कुमार सिंह , एसडीएम सिकंदरपुर राजेश कुमार यादव , जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी नरेंद्र तिवारी ,आपूर्ति निरीक्षक श्यामनाथ शामिल रहे।
अधिकारियों के पहुंचने पर मजदूर खाद्यान्न को पलट कर दूसरी बोरियो मे भर रहे थे। अधिकारियों के देखते ही मजदूर भाग गए। मकान मालिक दीपक यादव ने टीम के पूछताछ करने पर बताया कि उन्होने किसी विनोद नामक व्यक्ति को किराए पर कमरा दिया था। खाद्यान्न के प्रति उसने अनभिज्ञता जताई।
उपजिलाधिकारी ने बताया कि जांच की प्रक्रिया चल रही है दोषी जो भी होगा बख्शा नही जाएगा। इस दौरान पत्रकारों के सवाल पर जिला पूर्ति अधिकारी विनय कुमार सिंह भड़क गए। उन्होंने कुछ मीडिया के लोगों के कैमरे छीनने का प्रयास किया। डीएसओ के इस कार्य से मीडियाकर्मियों में नाराजगी रही