बलिया। केंद्र और प्रदेश सरकार सड़क हादसे को रोकने के लिए कितनी भी कायदे कानून बनाए लेकिन जब तक हम स्वयं यातायात नियमों का पालन नहीं करेंगे, तब तक सड़क दुर्घटनाओं में कमी नहीं आएगी। यातायात विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो 2018 में जनपद के विभिन्न थाना अंतर्गत कुल 296 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इसमें 212 लोगों ने अपनी जान गंवाईं। वहीं, 177 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जनपद में रसड़ा तहसील सड़क हादसे में नंबर एक पर रहा है।
सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रत्येक वर्ष एक से 30 नवंबर तक यातायात माह भी मनाया जाता है। इसमें रैली, गोष्ठी, नुक्कड़ नाटक, पंपलेट, होर्डिंग और विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित कर छात्र-छात्राओं से लेकर आमजन को जागरूक किया जाता है। बावजूद सड़क दुर्घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही है। इसमें पुलिस महकमा के साथ-साथ हम स्वयं भी जिम्मेदार हैं। यातायात विभाग के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो जनवरी 2018 से 30 नवंबर 2018 तक कुल 296 सड़क हादसे हुए। इसमें 212 लोगों ने अपनी जानें गंवाईं। जबकि 177 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।