बलिया। बारिश और उमस के चलते जिला अस्पताल में इन दिनों सर्दी, खांसी, बुखार, शरीर दर्द एवं संक्रमित रोगों के मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। इसमें वायरल फीवर के प्रतिदिन 100 से 110 मरीज मिल रहे है। संयोग अच्छा है कि एक दो को छोड़ अधिकांश रोगों की सभी सुई और दवाएं उपलब्ध हैं। इससे मरीजों को काफी राहत है।
केंद्र और प्रदेश की सरकार नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के गरीब, असहाय व मजलूम मरीजों के स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए कटिबद्ध है। वर्तमान में सर्दी, खांसी, बुखार, शरीर दर्द, डायरिया, टायफाइड, मलेरिया, चर्म रोग जैसे संक्रमित रोगों के मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल के आंकड़ों पर गौर करें तो प्रतिदिन लैब में होने वाली करीब 100 जांच में 70 से 80 मरीज केवल वायरल फीवर के मिल रहे है। लैब के आंकड़े के मुताबिक अगस्त माह में 18 अगस्त तक कुल 813 वायरल फीवर के मरीज मिले थे। लेकिन प्रतिदिन होने वाले 135 से 140 जांच में 100 से 110 मरीज वायरल फीवर के मिल रहे हैं। इस प्रकार मात्र 13 दिन में करीब 1300 वायरल फीवर के मरीज मिले हैं। 31 अगस्त तक कुल करीब 2119 वायरल फीवर के मरीज मिले हैं। इस बाबत सीएमएस डॉ. बीपी सिंह ने बताया कि बदलते मौसम के चलते इन दिनों वायरल फीवर के मरीजों में काफी इजाफा हुआ है, लेकिन अस्पताल में सुई-दवा प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। वर्तमान में दवा को लेकर कोई दिक्कत नहीं है।
वायरल फीवर के बढ़े मरीज
बलिया। जिला अस्पताल में तैनात वरिष्ठ फिजीशियन डॉक्टर मनोज कुमार ने बताया कि बदलते मौसम के कारण वर्तमान में प्रतिदिन ओपीडी में मरीजों की संख्या 125 से 130 के करीब हो रही है। इन दिनों वायरल फीवर के 90 से 100 फीसदी वायरल फीवर के मरीज मिल रहे हैं।
अगस्त में डेंगू के मिले छह मरीज, मलेरिया शून्य
बलिया। बारिश और उमस के चलते मच्छरों की तादाद काफी बढ़ी है। जिससे डेंगू और मलेरिया का खतरा ज्यादा पैदा हो गया है। वर्तमान में डेंगू सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बीमारी है। जिले में मलेरािया से निबटने के लिए सुई-दवा की व्यवस्था है, लेकिन डेंगू रोग से निबटने के लिए जांच के सिवाय कोई व्यवस्था नहीं है। अगर कोई डेंगू का गंभीर मरीज है तो उसे वाराणसी रेफर कर दिया जाता है। जिला अस्पताल के लैब के आंकड़े के अनुसार 31 अगस्त तक कुल छह डेंगू के मरीज मिले हैं। जबकि जुलाई माह में डेंगू के मरीज नगण्य रहे। वहीं 70 से 80 जांच में मलेरिया के मरीज शून्य पाए गए हैं।