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यूपी बोर्ड परीक्षा में 21 सेंटर किए गए डिबार

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बलिया। इस बार यूपी बोर्ड की हाई स्कूल इंटर की परीक्षाओं के लिए इलाहाबाद से जारी सूची के अनुसार जिले में कुल 204 सेंटर बनाए गए हैं। इस बार जिले हाई स्कूल व इंटर को मिलाकर लगभग 159505 परीक्षार्थियों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। पिछली बार परीक्षार्थियों की संख्या लगभग 171000 के आसपास थी। इस बार परीक्षार्थियों की संख्या पिछली बार से लगभग 12 हजार कम है। जिले में कुल 21 स्कूलों को डिबार घोषित किया गया है।
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बलिया जिला पूरे प्रदेश में नकल के लिए बदनाम है। परीक्षा के दिनों में हाल ये हो जाता है जैसे बलिया पिकनिक स्पॉट हो गया हो। जिले के सभी होटल लगभग फुल हो जाते हैं और देश के विभिन्न प्रदेशों के युवा नजर आने लगते हैं। पता चलता है कि ये हाई स्कूल और इंटर की परीक्षा देने आए हैं। इनमें से कई से बात करने पर पता चलता है कि इन्हें हिंदी आती ही नहीं। वे अपनी भाषा में आपस में बात करते रहते हैं और उनके साथ कोई एक आदमी ऐसा रहता है जो होटल आदि में उनके लिए गाइड का काम करता है। लगभग एक माह तक जिले के विभिन्न इलाकों में होने वाली परीक्षा में शामिल होने के बाद ये वापस लौट जाते हैं। इस दौरान जिले में देश के विभिन्न इलाकों के नंबरों वाले वाहनों की भी भरमार रहती है जो इन्हें लेकर यहां आते हैं और प्रतिदिन इन्हें विद्यालय ले जाने और वहां से वापस होटल ले आने की जिम्मेदारी भी निभाते हैं। जिले में सक्रिय नकल माफिया इनसे मोटी रकम लेने के बाद रजिस्ट्रेशन से लेकर कॉपिया लिखवाने तक की गारंटी लेते हैं और यूपी बोर्ड के लाख प्रयासों के बाद भी अपने खेल को अंजाम तक पहुंचाते हैं।
जिले के परीक्षा केंद्रों पर पकड़ी गई थीं लिखी कॉपियां
जिले में पिछले साल हाई स्कूल व इंटर बोर्ड की परिक्षाओं के दौरान कई ऐसे सेंटर पकड़े गए थे, जहां परीक्षा शुरू होने से पहले ही कॉपियां लिख कर रखी गई थीं। मतलब उन सेंटरों पर पेपर पहले ही निकाल कर उनके उत्तर लिख दिए गए थे और इसलिए रखा गया था कि जैसे ही परीक्षा खत्म होगी, परीक्षार्थियों के पास मौजूद कॉपियों को गायब कर उनके स्थान पर इन कॉपियों को लगा दिया जाएगा। उन स्कूलों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने से लेकर उन्हें डिबार करने की संस्तुति भी की गई थी। यह कार्रवाई उस समय यूपी बोर्ड की ओर से परीक्षा के नोडल अफसर बनाए गए रामशरण सिंह ने स्वयं की थी। इसी में से कई स्कूलों को इस बार डिबार किया गया हैै तो इसके बाद भी अपनी पहुंच के बल पर इस बार भी परीक्षा केंद्र बन गए हैं, जिनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
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