बलिया। नाबार्ड द्वारा प्रायोजित एवं मां सुरसरी सेवा संस्थान, कथरिया द्वारा आयोजित कृषि क्षेत्र संवर्धन निधि (एफएसपीएफ) के अंतर्गत ऑन साइट डेमोंस्ट्रेशन ऑफ मेडीसनल प्लांटस, हल्दी और पिपरमिंट परियोजना में पांच गांवों के 25 किसानों के खेतों पर जाकर डीडीएम नाबार्ड अखिलेश कुमार झा, दिनेश कुमार सिन्हा, एलडीएम एवं डॉ. रणधीर सिंह, जिला परियोजना अर्थशास्त्री, बलिया ने भ्रमण कर किसानों का मार्गदर्शन किया।
इस मौके पर डीडीएम एके झा ने बताया कि फैजाबाद, अंबेडकरनगर, बाराबंकी, पीलीभीत, बरेली, मुरादाबाद, लखनऊ आदि जिलों में किसानों द्वारा बडे़ पैमाने पर मेन्था की खेती की जा रही है। इसके तेल का उपयोग सुगंध के लिए व औषधि बनाने में किया जाता है। एलडीएम दिनेश कुमार सिन्हा ने इसके खेती के तरीके बताए। इस मौके पर जिला परियोजना अर्थशास्त्री डॉ. रणधीर सिंह ने बताया कि मेंथा में सिंचाई भूमि की किस्म, तापमान तथा हवाओं की तीव्रता पर निर्भर करती है।
इस दौरान सेंट्रल बैंक से पुष्पेश, कृषि विज्ञान केन्द्र, सोहांव से डॉक्टर वेदप्रकाश सिंह, डॉ. राजीव कुमार सिंह, डॉ. प्रेमलता श्रीवास्तव ने किसानों को मेंथा की खेती करने के वैज्ञानिक विधि पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन करते हुए संस्था के सचिव सुधीर कुमार सिंह ने किसानों से कहा कि आप लोगों को मेंथा की खेती करने में अगर कोई समस्या आती है तो संस्था अपना भरपूर सहयोग देने का प्रयास करेगी। इस अवसर पर दिलीप सिंह, श्रवण सिंह, श्रीराम सिंह, सुनील सिंह, संजय सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, यशवन्त सिंह, बिजेन्द्र सिंह, शिव कुमार राजभर, कामता सिंह, अक्षय लाल यादव, महेन्द्र सिंह, अमरनाथ यायव, वंशीधर सिंह, संतोष कुमार सिंह, प्रफुल्ल कुमार उपाध्याय, प्रेम नारायण राम, कमला तिवारी, सियाराम सिंह, राजनारायण सिंह, भोलानाथ यादव, सन्तोष कुमार, जगदीश राम, अनिल कुमार गुप्ता सहित सभी चयनित किसान व सहयोगी उपस्थित रहें।