बलिया। प्रधानमंत्री आवास योजना पूरी तरह भ्रष्टाचार की शिकार हो गई है। आवंटन से लेकर वितरण तक प्रधानों, ग्राम पंचायत सचिव और अधिकारियों की मिलीभगत से अपात्रों को आवास दिया गया जबकि पात्र आज भी भटक रहे हैं। वर्ष 2018-19 में चार हजार प्रधानमंत्री आवास बनाने के लक्ष्य के सापेेक्ष सभी आवास आवंटित किए जा चुके हैं और 620 लाभार्थियों को दूसरी किश्त भी खाते में भेजी जा चुकी है।
जिले में वर्ष 2016-17 में इंदिरा आवास योजना के स्थान पर प्रधानमंत्री आवास योजना की शुुरुआत की गई। जिले में इस व्यवस्था को अधिकारियों और कर्मचारियों ने तार-तारकर दिया। प्रावधान था कि सेक डाटा से संबंधित गांवों के लाभार्थियों की सूची को संबंधित ब्लाक के बीडीओ की लॉगिन से भेजा जाएगा। इसके बाद, इस सूची का सत्यापन ग्रामसभा की खुली बैठक में कराते हुए पात्रों का चयन किया जाएगा। सूची को गांव के पंचायत भवन आदि पर चस्पा भी किया जाएगा ताकि चयन में किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर लाभार्थी शिकायत कर सकें लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से इस व्यवस्था के विपरीत कार्य किया गया। अधिकांश गांवों में तो खुली बैठक तक नहीं कराई गई और सचिव, प्रधान, एडीओ, बीडीओ की मिलीभगत से मनमानी तरीके से लाभार्थियों का चयन कर लिया गया। इतना ही नहीं, मनचाहे लाभार्थियों के चयन के लिए कर्मचारियों ने ऊपर के क्रम पर अंकित पात्रों को हटाने के लिए या तो गांव में नहीं रहते या फिर अज्ञात लिखकर खेल कर दिया। दशकों से संचालित इंदिरा आवास योजना को वर्ष 2015-16 में बंदकर प्रधानमंत्री आवास योजना को लागू किया गया। जिले में वर्ष 2016-17 में 9810 और वर्ष 2017-18 में 4631 लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए धनराशि आवंटित की गई। कुल 14 हजार 441 आवासों के निर्माण के लिए अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, अभी भी 1101 आवास नहीं बन सके हैं। उधर, जिले के लिए वर्ष 2018-19 में चार हजार प्रधानमंत्री आवास बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। एक माह पहले तक सभी लाभार्थियों को प्रथम किश्त भी भेजी जा चुकी है। वर्तमान में 620 लाभार्थियों को दूसरी किश्त भी दी जा चुकी है लेकिन धरातल पर इन आवासों को खोजना काफी मुश्किल होगा। अधिकांश आवास पूर्व के आवास योजनाओं से लाभान्वित लाभार्थियों को देकर पुराने आवासों को नया लुक देने का काम किया जा रहा है।
पीएम आवास आवंटन में हर जगह गड़बड़झाला
सांसद आदर्श गांव में फर्जी खाता खोलवा कर निकाले 2.80 लाख
बलिया। सांसद आदर्श गांव कुशहर में सात लाभार्थियों के नाम से फर्जी खाता खोलवा कर आवास की पहली किश्त 2.80 लाख का आहरण कर लिया गया। अमर उजाला के खुलासा के बाद रेवती ब्लाक के कुशहर गांव के प्रधान, सचिव, सेक्टर अधिकारी के अलावा दो बैकों के शाखा प्रबंधक पर मुकदमा दर्ज कराया गया।
पीएम आवास के नाम पर वसूली में प्रधान पर मुकदमा
बलिया। प्रधानमंत्री आवास के नाम पर वसूली करने के आरोप में मई महीने में बांसडीह रोड पुलिस ने दुबहड़ ब्लॉक के हरिपुर गांव के प्रधान शिवकुमार गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने यह कार्रवाई जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत के निर्देश की। गांव के छोटे लाल राम ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर बताया था कि उन्हें पीएम आवास आवंटित है लेकिन इसके लिए प्रधान ने 30 हजार की धनराशि ली। बताया कि धनराशि कम होने के कारण उनका आवास नहीं बन पा रहा है और मांगने पर प्रधान नहीं दे रहे हैं। डीएम ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश डीआरडीए के पीडी व दुबहड़ ब्लॉक के बीडीओ को दिया।
दोबारा आवास आवंटन पर रिकवरी
बलिया। मुरलीछपरा ब्लॉक के कर्णछपरा गांव में इंदिरा आवास के लाभार्थियों को ही दोबारा प्रधानमंत्री आवास आवंटित करने खुलासा हुआ। डीएम के निर्देश पर बैरिया ब्लॉक के बीडीओ की ओर से रिकवरी की कार्रवाई शुरू की गई।
प्रधानमंत्री आवास आवंटन में पूरी पारदर्शिता बरतने का निर्देश सभी बीडीओ को दिया गया है। अगर कहीं से गड़बड़ी की शिकायत मिली तो जांच के बाद संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पूर्व के मामले में शिकायत मिलने पर जांच कराई जाती है। - डीएन दुबे, पीडी, डीआरडीए, बलिया