बलिया। जिले में ई-डिस्ट्रिक्ट सेवा का आए दिन बाधित होना जारी है। इसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सेवा प्रदाता की लापरवाही केंद्र संचालक झेलने को मजबूर है।
छह साल पहले सरकार ने आठ विभागों की 26 सेवाओं को ऑनलाइन करते हुए ग्रामीणों को घर बैठे सुविधाएं देने की व्यवस्था की थी। इसके लिए ग्रामीण इलाकों में जनसेवा केंद्रों का संचालन शुरु कराया गया और इसके संचालन की जिम्मेदारी एक सेवा प्रदाता एजेंसी को दी गई। करीब तीन साल पहले जिले को ई-डिस्ट्रिक्ट योजना में शामिल कर लिया गया और सभी सेवाओं को इसी के माध्यम से देने की व्यवस्था की गई। लेकिन सेवा प्रदाता एजेंसी की लापरवाही के कारण आए दिन ई-डिस्ट्रिक्ट सेवा बाधित रहती है।
जिले में कुल 512 जनसेवा केंद्र अलग इलाकों में स्थापित किए गए हैं। आलम यह है कि करीब प्रत्येक सप्ताह शनिवार व रविवार को यह सेवा निश्चित बाधित हो रही है। सदर तहसील क्षेत्र के जनसेवा केंद्र संचालक संतोष कुमार, अभिषेक, नंदजी वर्मा, रामकुमार आदि ने बताया कि शनिवार से ही सर्वर नहीं चल रहा और पोर्टल पर इन्सफिसिएंट बैलेंस एंड कांटेक्ट टू डीएसपी प्रदर्शित हो रहा है। बताया कि सेवा प्रदाता एजेंसी की ओर से प्रत्येक जनसेवा केंद्र के पोर्टल पर न्यूनतम 450 रुपए का बैलेंस रखने का प्रावधान है और इससे कम धनराशि होने पर आवेदन का अग्रसारण रोक दिया जाता है। एनआईसी के अधिकारियों की मानें तो सरकारी सर्वर के प्रयोग के लिए सेवा प्रदाता को भुगतान करना होता है और भुगतान नहीं करने पर सेवा रोक दी जाती है। इससे साफ है कि सेवा प्रदाता एजेंसी की लापरवाही का दंश जनपद के जनसेवा केंद्र संचालक झेलने को विवश हैं और इसके चलते ग्रामीणों को समय से लाभ नहीं मिल पाता है।
अभिजात सिंह, जिला प्रबंधक, ई-डिस्ट्रिक्ट का कहना है कि ई-डिस्ट्रिक्ट सेवा के तहत सेवाएं मुहैया कराने के लिए सेवा प्रदाता एजेंसी निर्धारित है। इन्सफिसिएंट बैलेंस का प्रदर्शित होना सेवा प्रदाता एजेंसी की लापरवाही है। इस मामले में उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए प्रदेश मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी।