फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बच्चों के खेलने के लिए मैदान उपलब्ध नहीं, कैसे हो शारीरिक विकास!

विज्ञापन
विज्ञापन
जयप्रकाशनगर। विकास खंड मुरली छपरा क्षेत्र के अधिकांशत: परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को खेलने के लिए मैदान उपलब्ध नहीं है। जिसके चलते बच्चों को खेलने के लिए कठिन समास्याओं का सामना करना पड़ता है। जबकि अध्ययन के साथ-साथ शारीरिक विकास के लिए खेल भी आवश्यक है ।
विज्ञापन

शिक्षा ग्रहण करने के साथ-साथ शारीरिक व मानसिक विकास के लिए बच्चों का खेलना आवश्यक होता है। लेकिन विकास खंड मुरली छपरा के अधिकांश परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के खेलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। बच्चे पढ़ाई तो कर लेते हैं, लेकिन जब खेलने की इच्छा होती है तो मायूसी ही हाथ लगती है । जिससे उनका शारीरिक व मानसिक विकास भी प्रभावित होता हैं। इस बात से अभिभावको में चिंता बनी है। अभिभावकों की मानें तो जब बच्चों को खेलने को नहीं मिलेगा तो शारीरिक विकास के साथ मानसिक विकास का होना भी संभव नहीं लगता।
क्षेत्र के अशोक कुमार सिंह , दुर्गविजय सिंह झलन , मनोज कुमार ओझा , विनीत सिंह , सोनू कुंवर , प्रवीण सिंह आदि का कहना है कि शासन परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को शिक्षा देने के लिए तरह तरह की लुभावने योजनाएं संचालित कर रहा है। लेकिन उनके सर्वांगीण विकास के लिए आज तक पर्याप्त जगह की व्यवस्था नहीं कर पा रहा है । इस परिस्थिति में बच्चों का शारीरिक विकास काफी प्रभावित होता है। क्योंकि बिना स्वस्थ शरीर के पूर्ण रूप से मानसिक विकास होना संभव नहीं होता।
विज्ञापन


कोट
शिक्षा क्षेत्र मुरली छपरा के सभी परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापको को निर्देशित कर दिया गया है कि विद्यालयों में जो भी जगह उपलब्ध है उसी में बच्चों को एक समय निश्चित कर खेलने का मौका दिया जाय। ताकि उनका शिक्षा के साथ साथ शारीरिक व मानसिक विकास हो सके ।
विज्ञापन

हेमन्त कुमार मिश्र, खंड शिक्षा अधिकारी
मुरली छपरा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें