बलिया। विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती का पूजनोत्सव को लेकर नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में तैयारी जोरों पर चल रही है। इस वर्ष मां सरस्वती का पूजनोत्सव 10 फरवरी को होगा। इसके मद्देनजर शुक्रवार को मूर्तिकार मूर्तियों को अंतिम रूप देने में लगे रहे। उधर, विभिन्न समितियों के आयोजक पंडाल को भव्यता देने में रात दिन लगे हुए हैं। पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी जिले के 22 थाना क्षेत्र के 587 स्थानों पर मां सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी।
बसंत पंचमी त्योहार कल है। इस दिन मां सरस्वती नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों तथा विभिन्न समितियों द्वारा स्थापित पंडालों में पूजी जाएंगी। इसकी तैयारी विभिन्न समितियों की ओर से जोरशोर से चल रही है। वहीं, शिक्षण संस्थानों में भी विद्यार्थी मां सरस्वती के पूजन को लेकर काफी उत्साहित है। इस दिन विद्यार्थी अपने-अपने विद्यालयों में ज्ञान की देवी मां सरस्वती का हवन-पूजन कर आगे बढ़ने की प्रार्थना करते हैं। वहीं, समिति के सदस्य भी हवन पूजन कर परिवार के मंगलमय की कामना करते हैं। पुलिस विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जनपद के 22 थाना क्षेत्र के कुल 587 स्थानों पर मां सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित होंगी। इसमें शहर कोतवाली में 77, दुबहर में 25, गड़वार में 42, सुखपुरा में 19, फेफना में बांसडीह में 27, बांसडीहरोड में 18, सहतवार में 58, मनियर में 11, बैरिया में 40, दोकटी में 17, रेवती में 36, हल्दी में 37, फेफना में 25, नरहीं में 12, चितबड़ागांव में 26, खेजुरी में 15, पकड़ी में 14, रसड़ा में 17, नगरा में 27, भीमपुरा में 09, सिकंदरपुर में 18 मां सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित करेंगी। इस प्रकार कुल 587 प्रतिमाएं स्थापित होंगी।
मां सरस्वती की प्रतिमाओं को विसर्जन करने के लिए जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने समस्त उप जिला मजिस्ट्रेट, नगर मजिस्ट्रेट और थानाध्यक्षों को उच्च न्यायालय का हवाला देते हुए निर्देशित किया है कि अपने-अपने क्षेत्र में स्थान चिह्नित कर लें और उसी चिह्नित स्थान पर ही मूर्ति विसर्जन कराएं। अन्यथा की स्थिति में स्वयं के उत्तरदायी होंगे।
पुलिस अधीक्षक देवेंद्रनाथ ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि अपने-अपने क्षेत्र में मूर्ति समिति के सदस्यों का नाम व मोबाइल नंबर डायरी में नोट कर लें। वहीं, विवादित स्थलों का निरीक्षण कर लें ताकि समय रहते उस पर अंकुश लगाया जा सके।