बलिया। आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले पूना पैक्ट के 87वीं वर्षगांठ पर पूना पैक्ट रद्द करो की मांग को लेकर समिति के सदस्यों ने कलेक्ट्रेट में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। इस मौके पर वक्ताओं ने आरक्षण को बचाने के लिए जमकर हुंकार भरी। कहा कि एससी/एसटी, ओबीसी सहित समस्त आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों, बुद्घिजीवियों और नौजवानों का हक पूरा करो। कहा कि अब तक सरकार हम लोगों के हक और हकूक के साथ खिलवाड़ करती रही है। केवल वोट के समय ही हमारी याद आती है।
इस मौके पर आयोजित धरना सभा को संबोधित करते हुए समिति के प्रांतीय महासचिव अभिराम प्रसाद ने कहा कि कम्यूनल एवार्ड की घोषणा 16 अगस्त 1932 को ब्रिटिश प्रधानमंत्री रैमसे मैकडोनाल्ड ने की थी। कहा कि पूथक निर्वाचन के आधार में संयुक्त निर्वाचन प्रणाली लागू की गई। इस मौके पर लल्लन प्रसाद ने कहा कि हम पिछड़ों और दलितों को केवल जाति के आधार पर बांटने और वोट लेने के लिए प्रयोग किया जाता रहा है। सरकार ने कभी हमें अपना नहीं माना। जब भी दलितों और पिछड़ों के हक और हकूक की बात आती है। उन्हें बीच रास्ते में भटकने के लिए छोड़ दिया जाता है। जबकि हम हर क्षेत्र में अपना मुकाम हासिल कर चुके है। इस मौके पर अंजनी कुमार मुकुल, सच्चिदानंद बौद्घ, राजाराम, रामचंद्र प्रसाद, प्रवीण कुमार मधुकर, अशोक कुमार, मिथिलेश कुमार, संतोष कुमार, रमेश चंद्र, डीएस पुष्कर आदि मौजूद रहे।