दुबहर। एनएच 31 पर स्थित सीएचसी पर सुविधाओं का टोटा है। गंभीर मरीज को यहां इलाज के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। कर्मचारी तो हैं लेकिन ड्यूटी से नदारद रहना आम बात है। नतीजतन, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पाती हैं। नाराज ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ् कराने की मांग की है। ऐसा न होनेे पर मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को अवगत कराने की बात कही है।
क्षेत्र की 50 हजार की आबादी पर यह एक सीएचसी है। लेकिन वह भी बदहाल। आलम यह है कि अकस्मात किसी व्यक्ति को गंभीर रुप से इलाज कराना पड़े तो यहां कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने अपने जनप्रतिनिधियों के साथ ही आला अधिकारियों को कई बार पत्र लिखकर अस्पताल की व्यवस्था को सुदृढ़ कराने की मांग की। लेकिन आज तक ना तो सीएचसी में पर्याप्त चिकित्सक, फार्मासिस्ट मिले और ना ही जांच के उपकरण ही उपलब्ध हो सकें। इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर संविदा कर्मचारियों को मिलाकर चार दर्जन से अधिक कर्मियों की तैनाती है। लेकिन कम ही कर्मी नियमित रूप से आते हैं।
दुबहर निवासी छात्र नेता अंकित कुमार सिंह ने जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी से पुन: मांग किया है कि सीएचसी का सही संचालन कराया जाय। ताकि मरीजों को जिला चिकित्सालय न जाना पड़े। चेताया कि अगर एक माह के अंदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था नहीं सुधरी तो मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को अवगत कराया जाएगा।