बलिया। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे खराब हैं। बलिया स्टेशन परिसर और प्लेटफाॅर्मों पर लगे करीब 35 कैमरों में से लगभग 15 कैमरे खराब हैं।
वहीं, सुरेमनपुर, सहतवार, चितबड़ागांव, रसड़ा, फेफना सहित आठ स्टेशनों पर 195 से ज्यादा कैमरों की तस्वीर साफ नहीं आती। कई का एंगल बिगड़ा हुआ है।
कहीं कैमरों की लाइट बंद है तो कहीं कैमरा ही गायब हो चुक हैं। यानी कुल 230 में से 150 सीसीटीवी कैमरों की ‘’आंखें’’ खराब हैं। ऐसे में रोजाना यात्रियों की आवाजाही वाले स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। तीसरी आंख कमजोर होने से चोरी, आपराधिक घटना, संदिग्ध गतिविधि या तस्करी के मामलों में जांच के लिए अहम फुटेज मिलना भी मुश्किल हो सकता है। बलिया रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन 34 जोड़ी से अधिक एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों से करीब 15 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। इसके बावजूद स्टेशन के कई हिस्से सीसीटीवी निगरानी से बाहर हैं। उत्तरी परिसर के साथ प्लेटफाॅर्म संख्या चार तथा संख्या एक, दो और तीन के पूर्वी छोर स्थित यात्री शेड में अब तक कैमरे नहीं लगे हैं। वहीं जिन स्थानों पर कैमरे लगाए गए हैं, उनमें भी बड़ी संख्या में कैमरे काम नहीं कर रहे हैं।
बलिया स्टेशन के अलावा अन्य सहतवार, सुरेमनपुर, रसड़ा, फेफना, चितबड़ागांव स्टेशन पर सुरक्षा को लेकर करीब 230 सीसी कैमरे लगाए गए है, जो करीब 20 हजार से अधिक यात्रियों की निगरानी का दावा किया जाता है।
सभी गोरखपुर मुख्यालय से भी जुड़े हैं, लेकिन इसमें अधिकतर खराब होकर शोपीस बने हुए है। कुछ स्थानों पर लगे कैमरे गायब है। लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। सभी कैमरों का कंट्रोल आरपीएफ थाना में भी है।
पड़ताल: प्लेटफार्म संख्या एक पर पुराने फुट ब्रिज की सीढ़ी पर आने जाने वाले कि निगरानी को लगा सी
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