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अगस्त में 14 नाबालिगों को कराया मुक्त

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अपनी सुविधा के लिए अगर आप किसी नाबालिग को घरेलू काम के लिए रख रहे हैं तो सावधान रहें। यह कदम आपको कभी भी बड़े संकट में डाल सकता है। बालश्रम को लेकर शासन की ओर से सख्ती शुरू की गई है। इसे लेकर श्रम विभाग के साथ ही पुलिस भी सक्रिय है। जनपद में अगस्त में ही 14 नाबालिगों को मुक्त कराया गया है।
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विधि विशेषज्ञ मिथिलेश कुमार सिंह चमन ने बताया कि आरोपित ने अपराध किया या नहीं यह तो बाद की तफ्तीश में पता चलेगा। जैसा माहौल है, ऐसे मामले में केस दर्ज होने के साथ जेल जाने का रास्ता तैयार हो जाता है। आरोपित यह सिद्ध नहीं कर पाया कि उसने लैंगिक अपराध नहीं किया तो फिर उसकी जिंदगी जेल मेें गुजरनी तय है। नाबालिगों को काम पर रखवाने वाले कई गिरोह सक्रिय हैं। जो दूसरे प्रांतों से लाकर बच्चियों को घर में काम पर रखवा देते हैं। मोटे तौर पर वे दोनों पक्षों से दलाली लेते हैं। बाल श्रम कानून में तो सजा उतनी नहीं है, लेकिन इसके साथ जब आरोप लगते हैं तो वह लैगिंक अपराध के होते हैं, जिनसे बच पाना संभव नहीं हो पाता है।
काम पर रखने में बरतें सावधानी
नाबालिग को कभी भी काम पर न रखें। सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप जिसे काम पर रखना चाहते है वह 18 साल या उससे ज्यादा का हो। उसका बालिग होने का प्रमाण पत्र जरूर देखें। नाबालिग को काम पर रखने पर बाल श्रम कानून के तहत सजा हो सकती है। घर में नाबालिग के काम करने की शिकायत किसी ने भी की तो चाइल्ड लेबर एक्ट, जुविनाइल जस्टिस एक्ट और बॉडेड लेबर एक्ट तीनों के तहत कार्रवाई हो सकती है।
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14 साल से कम उम्र के बच्चों को घर में काम पर नहीं रखा जा सकता है। अगर ऐसा मिलता है तो बाल श्रम कानून की धारा 3 व 3ए के तहत कार्रवाई की जाती है। इसमें छह माह की जेल और 50 हजार रुपये का जुर्माना तत्काल देना होता है। साथ ही केस भी दर्ज कराया जाता है। समय-समय पर विभाग द्वारा बालश्रम उन्मूलन के लिए अभियान चलाया जाता है।
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- गणेश सिंह, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, बलिया।
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