बलिया। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की 13वीं पुण्यतिथि बुधवार को सादगी से मनाई गई। कोरोना संक्रमण को देखते हुए कहीं भी बड़े कार्यक्रम नहीं हुए और लोगों नेे संक्षिप्त कार्यक्रम में ही युवा तुर्क को याद कर श्रद्धांजलि दी। बीजेपी जिलाध्यक्ष जयप्रकाश साहू ने अपने आवास पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि चंद्रशेखर जी अपनी कार्यकुशलता, निर्णय लेने की क्षमता, ईमानदारी और फक्कड़ स्वभाव के कारण हमेशा राजनीति करने वालों के प्रेरणास्रोत रहेंगे। विजयबहादुर सिंह, रामजी सिंह, अरुण सिंह, दिलीप गुप्ता, सुनिल गुप्ता, करण मौर्या आदि रहे।
बैरिया में मधुबनी किसान सेवा केंद्र में आयोजित गोष्ठी में भाजपा के वरिष्ठ नेता अरविंद सिंह सेंगर ने कहा कि वह पहले ऐसे प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने राज्यमंत्री या केंद्र में मंत्री बने बिना ही सीधे प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। चंद्रशेखर तीखे तेवर वाले एक प्रखर वक्ता, लोकप्रिय राजनेता, विद्वान लेखक और बेबाक समीक्षक थे। कोटवां के पूर्व प्रधान विनोद सिंह, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष निर्भय सिंह गहलौत ने विचार रखे। अशोक सिंह, ओमप्रकाश सिंह, राजेश्वर मिश्र, ज्योति वर्मा, उमेश तिवारी, राकेश सिंह, मान्धाता सिंह, मुकेश सिंह, फैयाज, गिरीश चंद ओझा आदि रहे।
जयप्रकाश नगर में शोभा छपरा गांव निवासी कांग्रेसी नेता अमित सिंह परमार के नेतृत्व में एक श्रद्धांजलि सभा हुई। दिलीप सिंह, शिवकुमार सिंह, राधेश्याम यादव, राजेन्द्र प्रसाद, वकील सिंह, दिलीप सिंह, प्रदीप सिंह ने श्रद्धांजलि अर्पित की। बांसडीह में नेता प्रतिपक्ष व विधायक राम गोविंद चौधरी के विधानसभा समाजवादी पार्टी कार्यालय पर बांसडीह विधानसभा अध्यक्ष हरेंद्र नाथ सिंह ने कहा कि चंद्रशेखर जी को हम कभी भूल नहीं सकते। वरिष्ठ शिक्षक डॉ. हरिमोहन सिंह, सपा नेता रविन्द्र नाथ सिंह, ब्लॉक प्रमुख अशोक यादव, राकेश तिवारी, चंदन सिंह, नंदलाल चौधरी, विनय गोंड, दीनदयाल यादव, रमाशंकर यादव आदि रहे। उधर, पूर्व पीएम की पुण्यतिथि पर क्षेत्र के युवाओं ने दर्जनों फलदार पौधे रोप कर उनको याद किया। अजय यादव, आलोक सिंह कुंवर, अभिनव सिंह चंचल, करणवीर सिंह, शुभम सिंह राजा, दीपूमिश्र, निर्मल सिंह, चंदन आदि रहे।
भीमपुरा में चंद्रशेखर जी के पैतृक गांव इब्राहिमपट्टी स्थित अवधूतेश्वर शिव मंदिर के डाक बंगले पर पुण्यतिथि मनाई गई। वक्ताओं ने कहा कि चंद्रशेखर जी ने अपने राजनीतिक सफर में कभी भी क्षेत्रवाद, जातिवाद व परिवारवाद की राजनीति नहीं की। उन्होंने युवाओं में देशभक्ति का मंत्र फूंक ऊर्जा का संचार किया। शालिग्राम सिंह, चौकी प्रभारी जय शंकर राठौर, प्रदीप सिंह, राजू सिंह, गुमान सिंह, बब्लू पांडेय, आनन्द सिंह, बोनी सिंह, राजू गौड़, कैलाश यादव, वरुण कुमार आदि रहे। बेल्थरारोड में भोजपुरी लोक कल्याण परिषद के तत्वावधान में गोष्ठी हुई। काशीनाथ जायसवाल, मनोज गुप्ता प्यारे, अमित शर्मा, अवधेश गुप्त, धीरज गुप्त आदि रहे।
युवा तुर्क की यादें व निशानियां गंगा की गोद
नरही। छात्र जीवन से लेकर युवा तुर्क बनने तक पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर का विशेष लगाव गंगा तट पर स्थित शाहपुर बभनौली गांव से बना रहा। वे यहां अक्सर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं आजीवन ग्राम प्रधान रहे स्वामी ओमकारानंद के निवास स्थान पर ज्यादा समय बिताते थे और करीबियों के संग बाटी चोखा खाते थे लेकिन दुर्भाग्य की गंगा के कटान में अवध पुस्तकालय और वह स्थान गंगा नदी में विलीन हो चुका है। आजीवन ग्राम प्रधान रहे स्वामी ओमकारानन्द महान चिंतक भी थे। जिनसे चन्द्रशेखर ने छात्र राजनीति का ककहरा सीखा। यही वजह रही कि आजादी के बाद जिले में पहला अवध नाम से पुस्तकालय शाहपुर बभनौली गांव में खोला गया। गांव के पूर्व ग्राम प्रधान मोती लाल यादव ने कहा कि चंद्रशेखर के शाहपुर बभनौली गांव से इतनी यादें जुड़ी है कि आज भी गांव के लोगों में आम चर्चा के दौरान उनका जिक्र आ ही जाता है। त्रिवेणी यादव ने कहा कि जब चंद्रशेखर प्रधानमंत्री बने तो हम गांववासियों का खुशी का ठिकाना नहीं था। गंगा भले ही शाहपुर बभनौली गांव की उन निशानियों को लेकर चलीं गईं पर उनकी यादें आज भी फिजाओं में हर ओर बिखरीं हैं।
पूर्व पीएम चंद्रशेखर के समधी का निधन
बेल्थरारोड। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के समधी और वरिष्ठ समाजसेवी इंजीनियर वीरेंद्र कुमार सिंह (86) का मुजौना ग्राम स्थित आवास पर निधन हो गया। निधन की खबर सुन शुभेच्छुओं में शोक की लहर दौड़ गई। बुधवार को सरयू नदी के तट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दाह संस्कार किया गया। राज्यसभा सांसद नीरज शेखर के ससुर और तुर्तीपार के प्रधान आलोक सिंह के बड़े पिता इंजीनियर सिंह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। 1969 में उन्होंने कोलकाता में राजपूत इंजीनियरिंग कंपनी की स्थापना की। 1980 से पूर्व पीएम चंद्रशेखर के साथ राजनीति की पारी खेलने वाले सिंह ने समाज सेवा के क्षेत्र में अहम कार्य किया है। उन्होंने बालकों को संस्कार युक्त शिक्षा देने के लिए अंग्रेजी माध्यम से सनफ्लावर चिल्ड्रेन स्कूल की स्थापना कर शैक्षिक विकास को गति दी। उनके निधन पर विभिन्न संगठनों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।