बेल्थरारोड। पिछले कई दिनों से सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला जारी है। इससे तटवर्ती कई ग्रामों के हजारों लोग बाढ़ की आशंका से सहम गए हैं। तटवर्ती क्षेत्रों में जलस्तर में वृद्धि का क्रम जारी रहने से खलबली मच गई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार को अपराह्न जलस्तर 63.460 मी. दर्ज किया गया जो खतरे के निशान से 55 सेमी नीचे है। जबकि लाल निशान 64.010 है। आयोग का कहना है कि एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि हो रही है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में वृद्धि जारी रहने की संभावना जताई है।
लालनिशान से महज आधा मीटर नीचे बहने वाली नदी के जलस्तर में वृद्धि से बाढ़ की संभावना प्रबल हो गई है। नदी का पानी रिहायशी क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है। गुलौरा ग्राम की दलित बस्ती और मल्लाह बस्ती के रिहायशी क्षेत्रों की ओर पानी बढ़ने लगा है। इसके साथ ही चैनपुर, गुलौरा, तुर्तीपार, मुजौना, हल्दीरामपुर आदि क्षेत्रों की कृषि भूमि कटान के चलते नदी की जलधारा में समाहित हो रही है। इसको लेकर तटवर्ती बाशिंदों के होश उड़ गए हैं। नदी का पानी हाहानाला से लेकर चैनपुर गुलौरा के सामने टीएस बंधे तक पहुंचने लगा है। गुलौरा ग्राम में बाढ़ का पानी घुसने का खतरा मंडरा रहा है। तुर्तीपार के मल्लाह बस्ती के समीप नदी का पानी पहुंच गया है। इसी तरह जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला जारी रहा तो अगले 72 घंटे में नदी का पानी लालनिशान तक पहुंच जाएगा। उधर, बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर प्रशासन अलर्ट है। बाढ़ से राहत व बचाव कार्य के लिए प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है।