बलिया। मनरेगा के तहत हुए कार्यों का जीओ टैग कराने का निर्देश दिया गया है लेकिन इस कार्य को करने के लिए रोजगार सेवकों को स्मार्ट फोन नहीं मुहैया कराया गया। स्थिति यह है कि रोजगार सेवक जीओ टैग नहीं कर पा रहे हैं। रोजगार सेवकों में हर हाल में जीओ टैग करने का दबाव बनाया जा रहा है। इसको लेकर रोजगार सेवकों में नाराजगी है। उनका कहना है कि जीओ टैंग नहीं करने पर संबंधित रोजगार सेवक का मानदेय रोक दिया जा रहा है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 12 अप्रैल 2017 और मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश ने 16 मई 2017 को पत्र जारी कर निर्देश दिया कि मनरेगा, चतुर्थ राजवित्त आयोग, 14वां वित्त आयोग कंवर्जन के तहत डबटेल के माध्यम से कार्य कराया जाएगा। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, स्वच्छ भारत मिशन एवं ग्राम विकास विभाग की अन्य योजनाओं में कार्य को प्रारंभ कराने से पहले और कार्य होने के बाद तक विभिन्न चरणों की जीओ टैगिंग एंड्रायड मोबाइल से अनिवार्य किया गया है। हालांकि इस काम के लिए बलिया में अब तक किसी भी अधिकारी ने कोई सक्रियता नहीं दिखाई है। एक भी रोजगार सेवक को विभाग की ओर से एंड्रायएड मोबाइल नहीं उपलब्ध कराया गया है। बगैर मोबाइल के रोजगार सेवकों को जीओ टैग करने का दबाव बनाया जा रहा है। ऐसा न करने पर विभाग द्वारा रोजगार सेवकों का मानदेय रोकने का काम किया जा रहा है।
विकास खंड दुबहर में एक भी रोजगार सेवक को विभाग ने जीओ टैग के लिए एंड्रायड मोबाइल उपलब्ध नहीं कराया है। इसके कारण रोजगार सेवक मनरेगा कार्यों की जीओ टैग करने में अक्षम हैं। इसका लाभ उठाते हुए विभाग द्वारा जीओ टैग के अभाव में रोजगार सेवकों का मानदेय रोकने का काम किया जा रहा है। इस ब्लाक के कर्मचारियों पर रोजगार सेवकों की संख्या में हेरफेर करने, रोजगार सेवकों का मानदेय दूसरे के खाते में भेजने और मानदेय भुगतान में भेदभाव करने के आरोप भी लगाए जाते रहे हैं। हद तो तब हो गई जब सांसद गांव ओझवलिया में वित्तीय वर्ष 18-19 में ओझवलिया में पोखरे की चारों तरफ 200 वृक्षारोपण का कार्य दिखाया गया है। इसका संबंधित रोजगार सेवक को जीओ टैग करने के अभाव में 11 माह का मानदेय रोका गया है। जब रोजगार सेवक जीओ टैग करने के लिए पहुंचे तो एक भी पौधा नहीं मिला। वहीं, मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि इस पोखरे पर विभाग की ओर से 18-19 में पौध रोपण नहीं कराया गया है। अब रोजगार सेवक समझ से परे हैं कि जब पोखरे पर पौधा नहीं है तो 200 पौधे का जीओ टैग कैसे करेंगे।
सीडीओ बद्रीनाथ सिंह ने बताया कि प्रत्येक बीडीओ को निर्देश दिया गया है वे अपने रोजगार सेवकों को एंड्राएड मोबाइल उपलब्ध कराएं। यदि बीडीओ ने मोबाइल उपलब्ध नहीं कराया है तो इसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। रही बात जीओ टैग के अभाव में मानदेय रोकने की तो संबंधित बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।