बैरिया। उच्च न्यायालय ने राजकीय बालिका इंटर कालेजों के दुर्दशा को संज्ञान में लिया। वहीं अपने आदेश में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बैरिया का भवन निर्माण कार्य पूरा कराने के साथ ही सभी संसाधनों से सुसज्जित करने का निर्देश दिया है। साथ ही 31 अगस्त की समय सीमा निर्धारित करते हुए इसके लिए प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा को इसके लिए व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होकर शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है।
बता दें कि न्यायमूर्ति अरुण टंडन व न्यायमूर्ति ऋतुराज अग्रवाल के खंडपीठ में जीजीआईसी बैरिया सहित प्रदेश के कुल 68 राजकीय बालिका इंटर कॉलेजों में भवन, बिजली, शौचालय व फर्नीचर के अभाव पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि बालिकाओं के शिक्षा के नाम पर प्रदेश सरकारें केवल शोर मचा रही है। यह आदेश इंटक के जिलाध्यक्ष विनोद सिंह द्वारा उच्च न्यायालय में दाखिल जनहित याचिका पर दिया गया था। जिसमें विनोद सिंह ने जीजीआईसी बैरिया का भवन निर्माण कराने के लिए राज्य सरकार को निर्देशित करने के लिए उच्च न्यायालय में गुहार लगाई थी। जिसके क्रम में जीजीआईसी का भवन निर्माण शुरू तो हुआ। लेकिन निर्धारित समय में काम पूरा नहीं हो सका। इस संदर्भ में कई बार न्यायालय ने समय सीमा निर्धारित किया। लेकिन उसे समय सीमा के अंदर पूरा नहीं किया गया। अंत में विनोद सिंह पुन: न्यायालय के शरण में गए। जिस पर न्यायालय ने सख्त रवैया अपनाते हुए 31 अगस्त तक जीजीआईसी का भवन निर्माण कार्य पूरा कराने के साथ ही छात्राओं के लिए फर्नीचर, पेयजल, शौचालय, बिजली व चहारदीवारी उपलब्ध कराने का आदेश दिया।