बलिया। खरीफ की खेती के लिए कृषि विभाग की ओर से अनुदान पर विभिन्न प्रजातियों के प्रमाणित धान के बीजों का इंतजाम किया गया है। अलावा हाईब्रिड बीज भी कृषि बीज गोदामों पर उपलब्ध है। लेकिन किसानों पहले से प्रयोग कर रहे प्रजातियों पर ही भरोसा कर रहे हैं। बीज बाजारों से खरीद रहे हैं। अनुदान के बाद भी नये बीज पर किसानों का भरोसा नहीं हो पा रहा है।
खरीफ की शुरुआत भी धान की फसल से ही होती है। किसानों की मानें तो रोहिणी नक्षत्र की नर्सरी वाले धान की उपज अच्छी होती है। खरीफ को देखते हुए कृषि विभाग की ओर से पांच प्रजातियों के कुल 676 क्विंटल धान के बीज सभी गोदामों पर उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन इन बीजों को लेने के लिए किसान रुचि नहीं दिखा रहे हैं। अभी भी किसानों का पसंदीदा धान मोती, कोमल, संपूर्णा, सोनम, बीपीटी 5204, नाटी मंसूरी आदि है। इस साल इन धानों के बीज कृषि विभाग के बीज गोदामों पर उपलब्ध नहीं है।
किसान बाजार से इन बीजों की खरीदारी कर रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों की मानें तो सरकार की ओर से 10 साल के अंदर वाले बीजों पर एक हजार 400 रुपये प्रति क्विंटल अनुदान देने का प्रावधान है। उपज आदि को लेकर समय-समय पर बीजों का शोध कर नया बीज बनाया जाता है। इसके बाद बी किसानों का इस पर भरोसा नहीं हो पा रहा है।
धान के बीज सभी ब्लाक गोदामों पर उपलब्ध हैं। नए बीजों को लेकर कुछ परेशानी आ रही है। इसको देखते हुए पूर्व की प्रजातियों के बीज के लिए डिमांड भी भेजी थी, लेकिन उपलब्ध नहीं हो सका। 10 साल के अंदर वाले बीजों पर किसानों को अनुदान देने की व्यवस्था है।
- जेपी यादव, जिला कृषि अधिकारी, बलिया