सागरपाली। ब्लाॅक हनुमानगंज की ग्राम पंचायत अराजीमाफी सागरपाली के 11 ग्राम पंचायत सदस्यों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच अपना सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया। सदस्यों ने ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर शासन विरुद्ध काम करने का आरोप लगाया। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने से पहले ग्राम पंचायत सदस्यों ने ग्राम पंचायत के तपसी बाबा मंदिर पर बैठक की।
नेतृत्व कर रहे ग्राम पंचायत सदस्य रितेश रंजन सिंह और रत्नेश रंजन सिंह ने कहा जब से ग्राम पंचायत का गठन हुआ तब से आज तक कोई बैठक, कार्ययोजना और प्रस्ताव हम लोगों के पास नहीं आया। ग्राम प्रधान और सचिव फर्जी तरीके से हस्ताक्षर कर ग्राम पंचायत में फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। पहले भी ग्राम प्रधान का हैंडपंप रीबोर मामले का फर्जीवाड़ा प्रकाश में आने पर उन्हें पद से हटाया जा चुका है। कोर्ट से स्टे मिलने के बाद वह फिर से फर्जीवाड़ा करने में जुट गए हैं। जब सदस्यों का कोई मतलब ही नहीं है तो हमें ग्राम पंचायत सदस्य बने रहने का कोई मतलब नहीं है।
नहीं पच रहा ग्राम पंचायत का विकास : प्रधान
अराजीमाफी सागरपाली ग्राम पंचायत की प्रधान कौशल्या देवी का कहना है कि ग्राम पंचायत के सदस्यों को ग्राम पंचायत का विकास पच नहीं रहा है। सात ग्राम पंचायत सदस्य एक ही परिवार के हैं। एक ही बिरादरी के हैं। उनका कहना है कि पिछड़ी जाति की महिला प्रधान गांव का विकास कैसे करेगी। प्रधान ने यह भी आरोप लगाया कि सदस्यों ने हमारी पैतृक जमीन पर जबरदस्ती कब्जा कर लिया है। अब भी जमीन उनके कब्जे में है। सदस्यों ने पिछले साल हमारे साथ मारपीट भी की थी।