भीमपुरा। न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किड़िहरापुर बदहाली के दौर से गुजर रहा है। यहां न तो मरीजों के लिए दवा की व्यवस्था है और न ही पानी और शौचालय की। सर्जरी के लिए उपकरण तक मौजूद नहीं साथ ही चिकित्सकों के आवास भी खंडहर हो चुके हैं। ऐसे में चिकित्सक लोगों को इलाज कैसे करें। उधर, कई बार उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान आज तक नहीं हो सका।
दो दशक पूर्व बेहतर इलाज के लिए न्यू प्राथमिक स्वास्थ केंद्र की नींव रखी गई थी। जिससे सैकड़ो गांव के लोगों का समुचित इलाज हो सके। लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते आज यह स्वास्थ केंद्र खुद ही बीमार है। जिस समय यह स्वास्थ केंद्र बना, उस समय हर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित था। अस्पताल कर्मचारियों के आवास, पानी की टंकी, बिजली, इलाज के सभी उपकरण मौजूद थे। लेकिन देखरेख के अभाव में धीरे-धीरे सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त होती गई। आज हालत यह है कि यहां बिजली, पीने का पानी, शौचालय, आवास सहित सर्जरी के उपकरण तक नहीं हैं। पीने के पानी के लिए दूसरों के घर जाना पड़ रहा है। स्वास्थ केंद्र पर आठ कर्मचारी तैनात है। लेकिन सफाई कर्मी के अभाव में चिकित्सकों को ही सफाई करनी होती है। इलाज के लिए ग्रामीण 20 किलोमीटर दूर नगरा व सीयर जा रहे।
प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.एएन सिंह कहते हैं कि यहां पर प्रसव भी कराया जा सकता है लेकिन उसके लिए शौचालय, बिजली ,पानी और संसाधन न होने के चलते कुछ नहीं हो रहा। समस्या निराकरण के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया। लेकिन कुछ नहीं हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्रीय विधायक धनंजय कनौजिया सभी विभागों का निरीक्षण तो कर रहे हैं, लेकिन इस स्वास्थ केंद्र की अनदेखी कर रहे। क्षेत्र के पूर्व प्रधान पंकज सिंह, प्रमोद, ओम गुप्ता, मंटू सिंह, बृजेश सिंह, अमरजीत यादव आदि लोगों ने संबंधित अधिकारियों से व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।