बहराइच। शहर के घंटाघर प्रांगण में आर्य समाज का वार्षिकोत्सव चल रहा है। शनिवार को दूसरे दिन सुबह यज्ञ का आयोजन किया गया जिसमें आए समाज के लोगों ने यज्ञ किया। बिजनौर से आए पं.नरेंद्र दत्त आर्य ने कहा कि यज्ञ संसार का सर्वोत्तम कर्म है। प्रत्येक मनुष्य को प्रात: एवं शाम को यज्ञ अवश्य करना चाहिए।
कहा कि यज्ञ पर्यावरण को शुद्ध करता है और हमें निरोग बनाता है। हमें दीर्घायु प्रदान करता है। महापुरुषों ने पंचमहायज्ञ को अपने जीवन में धारण किया। हम यज्ञ से दूर होते जा रहे हैं और कुरीतियों आडंबर में फंसते जा रहे हैं। हमें परिवार के साथ यज्ञ करना चाहिए। ब्रह्मचारिणी दीप्ति आर्य ने कहा कि वेद का पढ़ना, पढ़ाना और सुनना-सुनाना सभी आर्यों का परम धर्म है। हमें जीवन को वेदानुकृत बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वेद परमात्मा की वाणी है। जो परमपिता परमात्मा के आदेश को नहीं मानता वह दुख को प्राप्त करता है। जीवन में अच्छे कार्य करना चाहिए। अच्छे लोगों की संगत से अच्छे विचार आते हैं। यज्ञ के यजमान कमल सिंह व उनकी धर्मपत्नी किरन यादव रहीं। कार्यक्रम का संचालन आर्य समाज के प्रधान विजयेंद्र देव सिंह ने किया।