बहराइच। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की जांच के लिए लगी एक्सरे मशीन का संचालन लगभग एक माह से ठप है। इससे मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने के लिए आने वाले मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है। डिजिटल प्लेटें न मिलने और तकनीकी खराबी से एक्सरे मशीन ठप पड़ी है। मजबूरी में मरीज बाहर से अधिक रुपये खर्च कर जांच कराने को विवश हैं। लेकिन अस्पताल प्रशासन मरीजों की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है। इससे विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले मरीज एक्सरे करवाने के लिए भटक रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में इस समय मरीजों की काफी भीड़ रहती है। इस मेडिकल कॉलेज में जिले के साथ गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर व नेपाल के मरीज इलाज व जांच के लिए आते हैं। अस्पताल में प्रतिदिन ढाई से तीन हजार मरीजों की ओपीडी चिकित्सक करते हैं।
इनमें लगभग 10 प्रतिशत मरीजों को एक्सरे व जांच के लिए चिकित्सक लिखते हैं। लेकिन मेडिकल कॉलेज में स्थापित एक्सरे मशीन का संचालन बीते लगभग एक माह से ठप है। एक्सरे मशीन रूम में ताला लगा हुआ है। इससे मेडिकल कॉलेज आने वाले मरीजों की जांच नहीं हो पाती है। मजबूरी में मरीज बाहर से अधिक रुपये खर्च कर एक्सरे जांच कराने को विवश हैं।
सीएमएस डॉ. डीके सिंह ने एक्सरे मशीन संचालन के लिए लगभग एक माह पूर्व एक हजार डिजिटल प्लेट की मांग शासन से की थी, लेकिन पत्राचार के बावजूद अभी तक प्लेटें उपलब्ध नहीं हुई हैं और न ही तकनीकी खामी को दूर किया गया है।
इसका खामियाजा मेडिकल कॉलेज आने वाले मरीजों को उठाना पड़ रहा है। मरीज अधिक दामों पर बाहर से एक्सरे करवाने को मजबूर हैं। इससे उन्हें अधिक समय भी लग रहा है, साथ ही तगड़ी चपत भी लग रही है, लेकिन अस्पताल प्रशासन मरीजों की समस्याओं से पूरी तरह अंजान बना हुआ है।
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के बाद व्यवस्थाएं ध्वस्त
जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध कर बेहतर सुविधाएं देने का वायदा स्वास्थ्य विभाग की ओर से किया गया था, लेकिन जब से मेडिकल कॉलेज से जिला अस्पताल को संबद्ध किया गया है, तब से कहीं अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन ठप है तो कहीं एक्सरे मशीन खराब है। वहीं दवाइयां भी मरीजों को भरपूर नहीं मिल रही हैं। इसके अलावा अन्य कई समस्याएं उत्पन्न हुई हैं, जिससे मरीजों को परेशानियां हो रही हैं।
बाहर से एक्सरे कराना मजबूरी
मेडिकल कॉलेज में भर्ती दिलदार और मंजू देवी का कहना है कि अस्पताल में लगी एक्सरे मशीन का संचालन नहीं हो रहा है। इससे सभी ने मजबूरी में बाहर से एक्सरे जांच कराई। कैसरगंज निवासी सतपाल सिंह व महसी क्षेत्र निवासी सतपाल सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में व्यवस्था दिनोंदिन बदतर होती जा रही है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। एक्सरे मशीन का संचालन न होना इसका मुख्य उदाहरण है।
मीटिंग से आने के बाद मिलेगी जानकारी
मेडिकल कॉलेज में स्थापित एक्सरे मशीन का संचालन न होने के मामले में सीएमएस डॉ. डीके सिंह से बात करने के लिए फोन किया गया तो पता चला कि सीएमएस मीटिंग में गए हैं। मीटिंग से आने के बाद ही सही जानकारी मिल सकेगी और फोन काट दिया।