बहराइच। प्रदेश में महिलाओं व बेटियों के साथ हो रहे अपराध को देखते हुए एसपी ने घटनाओं को रोकने के लिए एक अभिनव पहल की शुरूआत की है। महिलाओं की सुरक्षा व उनको जागरूक करने के लिए अब गांवों में महिला पुलिसकर्मी गश्त करेंगी। वे महिलाओं के बीच बैठकर उनको अपने हक व कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी देेंगी। साथ ही शिकायत मिलने पर बीट पुस्तिका में अंकित कर उसका निपटारा कराएंगी। महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार से छुटकारा दिलाएंगी।
हाथरस कांड ने पूरे देश को हिला दिया है। हाथरस के बाद बलरामपुर, आजमगढ़ व कई अन्य जिलों में महिलाओं व युवतियों के साथ हुईं घटनाओं ने कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों के जेहन को भी झकझोर दिया है। प्रदेश भर की घटनाओं को देखते हुए जिले में महिलाओं की सुरक्षा व बचाव के लिए एसपी विपिन मिश्रा ने पहल की शुरूआत करते हुए महिला सिपाहियों को गांवों में जाकर गश्त करने व महिलाओं के बीच बैठकर गांव की स्थितियों को समझाने के साथ अपराध को रोकने के निर्देश दिए हैं। अब गांवों में महिला पुलिसकर्मी जनसंपर्क बढ़ाएंगी। जन संवाद के माध्यम से बीट के गांवों में नियुक्त ग्राम प्रधान, चौकीदार, ग्राम पंचायत सचिव, आशा बहू, एएनएम, डिजिटल वालंटियर, स्वास्थ्य विभाग व आंगनबाड़ी की कार्यकत्रियों से संवाद करते हुए गांवों में महिलाओं के प्रति हो रहे अत्याचार एवं हिंसा के मामलों की जानकारी करेंगी। उसकी बीट सूचना अपने थाने में दर्ज कराकर प्रभावी कार्रवाई कराकर न्याय दिलाने का प्रयास शुरू होगा।
महिला पुलिसकर्मियों को दिए टिप्स
बेटियों की सुरक्षा के लिए एसपी की ओर से शुरू की गई पहल को बेहतर बनाने के लिए पुलिस लाइन में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसकी मुख्य अतिथि सीडीओ कविता मीणा रहीं। इस दौरान एसपी विपिन मिश्रा ने सभी महिला पुलिसकर्मियों की समस्याओं को सुना। उन्होेंने समस्याओं का समाधान कराने के निर्देश के साथ गांवों में गश्त व सुरक्षा के लिए टिप्स भी दिए।
अपराध रोकने को संवाद व गश्त बहुत जरूरी
आर्थिक व शैक्षिक रूप से आत्मनिर्भर स्त्री ही पुरुष प्रधान समाज से मुकाबला कर सकती है। महिला आरक्षी होने के कारण कानूनी संरक्षण प्राप्त है। महिलाओं व बच्चों के प्रति बढ़ते अपराध को रोकने के लिए संवाद व गश्त बहुत जरूरी है। जिले में कोई अपराध न हो पाए। इसके लिए समय-समय पर पुलिस को हाईटेक किया जा रहा है।
- विपिन मिश्रा, एसपी