तराई में रुक-रुक कर हो रही बारिश से कच्चे मकानों पर आफत बन आई है। शुक्रवार दोपहर जरवलरोड के घूरनपुर में दीवार ढहने से मलबे में दबकर एक महिला की मौत हो गई। वह यहां अपने मायके आई थी। वहीं, चरदा क्षेत्र में भी एक मकान ढहा है। हालांकि, यहां कोई हताहत नहीं हुआ। दोनों घटनाओं की सूचना के बावजूद कोई भी राजस्वकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा।
25 जून से शुरू हुआ वर्षा का क्रम तराई में निरंतर जारी है। प्रतिदिन थोड़ी बहुत बरसात हो रही है। गुरुवार रात 11 बजे के आसपास भी तेज हवा के बीच बौछारें पड़ीं। शुक्रवार तड़के भी बारिश हुई। हालांकि, सुबह होते-होते मौसम साफ हो गया। इससे लोगों को गर्मी से तो काफी राहत है लेकिन ग्रामीण अंचलों के कच्चे मकानों में सीलन आने से वे कमजोर हो रहे हैं और उनके ढहने का सिलसिला शुरू हो गया है।
परसा धर्मनपुर निवासी गुलाबा (40) पत्नी माधव अपने मायके घूरनपुर आई थी। शुक्रवार दोपहर वह घर में दीवार के पास बैठी थी। अचानक दीवार और खपरैल ढह गया, जिससे गुलाबा मलबे में ही दब गई। तेज आवाज सुनकर परिवारीजन और आस पड़ोस के लोग दौड़े।
मलबा हटाकर गुलाबा को निकाला गया लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। उधर विकासखंड नवाबगंज अंतर्गत रामगढ़ी गांव निवासी कमले पुत्र मनोहर का खपरैल का मकान शुक्रवार सुबह तेज आवाज के साथ ढह गया। घर में मौजूद कमले व परिवार के अन्य सदस्यों ने भागकर जान बचाई।
कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन मलबे में घर की पूरी संपत्ति दबकर तहस-नहस हो गई। दोनों स्थानों पर मकान ढहने और घूरनपुर में महिला के मौत की सूचना तहसील पर दी गई है। लेकिन राजस्वकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे हैं।
राजस्व टीम भेजकर कराएंगे जांच
कैसरगंज के उपजिलाधिकारी जेपी सिंह ने बताया कि जरवल के घूरनपुर गांव में दीवार गिरने से महिला के मौत की सूचना मिली है। राजस्वकर्मियों की टीम मौके पर भेजी जा रही है। जांच कराने के बाद मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी।
7 से 10 जुलाई तक हो सकती भारी वर्षा
फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि इस समय रात में उच्च हवा का दबाव क्षेत्र बनने के चलते फुहारें पड़ रही हैं। यह क्रम आगामी दो दिन तक जारी रहेगा। इसके बाद सात से 10 जुलाई तक भारी वर्षा होने के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में लोगों को सजग रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि फिलहाल रात में मामूली बौछारें और दिन में तेज धूप का सामना होगा, जिससे उमस बढ़ेगी।