जिले के जिन अधिकारियों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वही अब असुरक्षित हो गए हैं। मुख्य विकास अधिकार, अपर जिलाधिकारी और सिटी मजिस्ट्रेट की सुरक्षा पुलिस अधीक्षक ने वापस ले ली है।
एसपी ने फोर्स की कमी का हवाला देते हुए ये निर्णय लेने की बात कही है। वहीं, अधिकारी अब सकते में हैं। बिना सुरक्षा गार्ड के ये अफसर जनपद का भ्रमण करेंगे और शांति व्यवस्था भी संभालेंगे।
जिला प्रशासन की व्यवस्था संभालने वाले मुख्य विकास अधिकारी पर जिले के विकास का जिम्मा होता है। वहीं, अपर जिलाधिकारी भी प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। नगर मजिस्ट्रेट पर शहर की व्यवस्था चाक चौबंद रखने की जिम्मेदारी है।
इन अधिकारियों को उनकी स्वयं की सुरक्षा के लिए एक-एक गनर उपलब्ध कराने की व्यवस्था पुलिस महकमे पर होती है। उसी के तहत मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार, अपर जिलाधिकारी विद्याशंकर सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट बीएन पांडेय को एक-एक गनर मिला है।
ये गनर अधिकारियों को तो सुरक्षित करता है, साथ ही अधिकारियों के साथ पहुंचने पर मौके पर पहुंचकर शांति व्यवस्था भी संभालता है। लेकिन, जिले के इन तीनों आला अधिकारियों के गनर को शुक्रवार को अचानक वापस बुला लिया गया। तीनों गनर ने पुलिस लाइन में आमद करवा ली है।
अब यह आला अधिकारी बिना सुरक्षा के हो गए हैं। ऐसे में अगर कहीं यह अधिकारी संवेदनशील स्थलों पर पहुंचेंगे तो उनकी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी, इस पर सवाल उठ रहे हैं। बहराइच शहर ही नहीं ग्रामीण अंचलों का इलाका भी काफी संवेदनशील है। ऐसे में अधिकारी सशंकित हैं।
नहीं जानते गनर वापसी का कारण
मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार से जब इस मामले में बात की गई तो उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी सुरक्षा में तैनात रायफलधारी कांस्टेबल को वापस बुला लिया गया है। सीडीओ ने कहा कि गनर क्यों वापस बुलाया गया, कारण नहीं जानते। गनर रहे न रहे जिले की सेवा तो करेंगे ही। वहीं, सिटी मजिस्ट्रेट बीएन पांडेय ने गनर वापस लिये जाने के मामले से किनारा कस लिया।
फोर्स की है कमी, इसीलिए वापस लिया गनर
पुलिस अधीक्षक नेहा पांडेय ने कहा कि जिले में फोर्स की भारी कमी है। रमजान का महीना चल रहा है। 15 दिन बाद ईद है। इसके साथ ही रक्षाबंधन, कजरी तीज, जन्माष्टमी समेत अन्य त्योहार भी आने वाले हैं। फोर्स की कमी के चलते जिले के संवेदनशील व अति संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था में समस्या उत्पन्न हो रही है। उसी के चलते अधिकारियों के गनर वापस लिए गए हैं। समुचित पुलिस बल मुहैया होने पर फिर गनर तैनात कर दिए जाएंगे।