वहीं, बौंडी क्षेत्र में ग्रामीणों ने भेड़िया देखने का दावा किया है। जिले में भेड़ियों के हमलों में अब तक नौ बच्चों सहित 10 की मौत हो चुकी है। 45 लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। वन विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद पांच भेड़ियों को पकड़ा, जिनमें से एक की मौत हो गई।
जानकारी के अुनसार, शिवानी मंगलवार रात मां किराना के साथ घर में सो रही थी। देर रात भेड़िये ने उसे चारपाई से नीचे खींचने का प्रयास किया। इस बीच शिवानी चीख पड़ी। मां के शोर बचाने पर भेड़िया उसे छोड़कर भाग निकला।
वहीं, गड़रियनपुरवा निवासी सुमन की गर्दन भेड़िये ने दबोचकर बाहर खींचने का प्रयास किया। शोर सुनकर पहरा दे रहे ग्रामीण और परिजन दौड़े तो सुमन की जान बची। ग्राम पंचायत यादवपुर में बुधवार सुबह भेड़िया ने बालकराम के पड़वा पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
लखीमपुर खीरी में बाघ के हमले में युवक की मौत
उधर, खेत में गन्ना बांधने गए हैदराबाद क्षेत्र के गांव मूड़ा अस्सी के जाकिर अली (40) की बुधवार को बाघ के हमले में जान चली गई। इसके बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शव रखकर गोला-सिकंदराबाद मार्ग जाम कर दिया। 15 दिन में बाघ के हमले में मौत की यह दूसरी घटना है। इससे पहले मोहम्मदी-महेशपुर रेंज क्षेत्र में 27 अगस्त को बाघ ने गांव इमलिया निवासी अमरेश कुमार को हमला कर मार डाला था।