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बहराइच: बढ़ती जा रही है भेड़िए की दहशत, फरसा-भाला लेकर गस्त करते रहे ग्रामीण, कैमरे में फिर दिखा भेड़िया

Mon, 09 Sep 2024 06:31 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला संवाद, बहराइच

सार

Wolf terror in UP: बहराइच में भेड़िए का प्रभाव क्षेत्र धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। लोग अपनी सुरक्षा अब खुद करना शुरू कर चुके हैं। अमर उजाला की पड़ताल में भेड़िया रात 12 बजे देखा गया। 
 
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रात में जागकर पहरा देते लोग। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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तहसील क्षेत्र महसी के 50 से अधिक गांवों में भेड़ियों की दहशत है जो धीरे-धीरे अन्य तहसील क्षेत्रों में भी फैलती जा रही है। भेड़ियों से बचाव के लिए प्रभावित गांवों में सोलर व हाईमास्ट लाइटों की स्थापना की जा रही है। वहीं डीएम के निर्देश पर स्कूलों में आश्रय स्थल बनाए जा रऐ हैं ताकि छप्परों में रहने वाले गरीब परिवार सुरक्षित हो सकें लेकिन इन सब के बीच जिम्मेदार पूर्व में गांव-गांव लगाई गईं स्ट्रीट लाइटों को भूल गए हैं। अमर उजाला टीम ने दहशत के बीच रात में सबसे ज्यादा जरूरी प्रकाश व्यवस्था को लेकर पड़ताल की। ज्यादातर स्ट्रीट लाइटें बुझी मिलीं। बस कुछ स्थानों पर ही खंभों पर रोशनी दिखी। यह नजारा क्षेत्र में बड़े स्तर पर स्ट्रीट लाइट घोटाले की ओर इशारा कर रहा है।

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औराही, जागीर, पिपरीमोहन व वर्मापुरवा में मिला अंधेरा
भेड़िया प्रभावित औराही, जागीर, पिपरीमोहन व वर्मापुरवा आदि गांवों की गलियां अंधेरे व सन्नाटे में डूबी नजर आईं। यहां स्ट्रीट लाइटें बुझी मिलीं। बस यहां-वहां कुछ स्थानों पर ही जलती दिखीं।

मैकुपुरवा में नहीं लगी सोलर लाइट
ग्राम पंचायत मैकूपुरवा की पड़ताल के दौरान यहां स्ट्रीट लाइट तो मिली लेकिन दो-दो हमलों के बाद भी यहां सोलर लाइट जलती नहीं मिली। ग्रामीणों व वन विभाग की टीम के साथ मौजूद प्रधान अनूप सिंह से इस संबंध में जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि अभी कहीं भी सोलर लाइट नहीं लगी है।
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ऊहापोह में किसान, फसल बचाएं या परिवार
भेड़ियों के आतंक से सबसे ज्यादा क्षेत्रीय किसान प्रभावित हैं। किसान परिवार की रखवाली के साथ-साथ खेतों की रखवाली की दोहरी मार झेल रहे हैं। शनिवार की रात जब अमर उजाला टीम ने पड़ताल के दौरान यहां-वहां बैठे किसानों से बातचीत की तो उनका दर्द खुलकर सामने आया।

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चेहरों पर थकान व भेड़िये का खौफ

वन विभाग की टीम का सच अभियान। - फोटो : अमर उजाला।
झुंड बनाकर दो दर्जन से अधिक ग्रामीण सड़क किनारे बैठे नजर आए। इनमें महिलाएं भी शामिल रहीं। सभी के चेहरों पर थकान व भेड़िये का खौफ साफ नजर आया।

मंगलपुरवा पचदेवरी: फसल बचाने के लिए सड़क किनारे बैठे
किसान तिलक शुक्ला, छोटकन्नू व मुखिया आदि सड़क किनारे हाथों में लाठी लिए बैठे नजर आए। सभी ने बताया कि गांव में परिवार का कुशलछेम जानने व गश्त करने के बाद अब खेत की फसल बचाने के लिए आए हैं।

हिंदूपुरवा: नींद और सुकून नदारद
पिपरीमोहन निवासी किसान नानसिंह, पतिराखन, पाठकपुरवा निवासी श्याम लाल पाठक, राजकुमार व ललऊ बैठे नजर आए। ग्रामीणों ने बेबसी भरी नजरों से देखते हुए बताया कि कई मजरों के ग्रामीण इकट्ठा बैठे हैं। बचाव के लिए फरसा, कुल्हाड़ी, भाला आदि साथ लिए हैं। कुदरत की ऐसी मार कभी नहीं देखी थी। नींद और सुकून सब नदारद है।

रात 12 बजे अमर उजाला के कैमरे में कैद हुआ भेड़िया
पड़ताल के दौरान पूरे हिंदू सिंह पुरवा गांव के पास रात 12 बजे एक भेड़िया सड़क किनारे चहलकदमी करता दिखा। वाहन की लाइट देखकर वह खेतों में भाग गया। उसका वीडियो कैमरे में कैद हो गया।

मक्कापुरवा में पीपल के पेड़ के नीचे मिली चार मांदे
भेड़िया प्रभावित ग्राम पंचायत सिकंदरपुर के मजरा मक्कापुरवा में शनिवार को ग्रामीणों ने पुराने पीपल के पेड़ के नीचे चार मांद देखी। मांदे भेड़िये की होने की आशंका जाहिर करते हुए तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना पर वन कर्मी मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। वहीं मांद के आसपास कैमरे लगाए, ताकि मांद में रहने वाले जानवार की पुष्टि हो सके। वहीं भेड़िया की मांद होने पर उन्हें पकड़ा जा सके।

फरसा-भाला लेकर गस्त करते रहे ग्रामीण, सिकंदरपुर में लगा सोलर
भेड़िया प्रभावित गांव रात भर जागते रहो के नारों से गूंजते रहे। वहीं भेड़ियों से परिजनों व बच्चों की सुरक्षा के लिए ग्रामीण टोली बनाकर गस्त करते रहे। इस दौरान ग्रामीणों के हाथ में फरसा, भाला, कुल्हाड़ी आदि भी देखने को मिला। वहीं सिकंदरपुर में प्रकाश के माकूल प्रबंध के लिए सोलर लाइट लगाई गई।

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