वन विभाग की टीम का सच अभियान।
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झुंड बनाकर दो दर्जन से अधिक ग्रामीण सड़क किनारे बैठे नजर आए। इनमें महिलाएं भी शामिल रहीं। सभी के चेहरों पर थकान व भेड़िये का खौफ साफ नजर आया।
मंगलपुरवा पचदेवरी: फसल बचाने के लिए सड़क किनारे बैठे
किसान तिलक शुक्ला, छोटकन्नू व मुखिया आदि सड़क किनारे हाथों में लाठी लिए बैठे नजर आए। सभी ने बताया कि गांव में परिवार का कुशलछेम जानने व गश्त करने के बाद अब खेत की फसल बचाने के लिए आए हैं।
हिंदूपुरवा: नींद और सुकून नदारद
पिपरीमोहन निवासी किसान नानसिंह, पतिराखन, पाठकपुरवा निवासी श्याम लाल पाठक, राजकुमार व ललऊ बैठे नजर आए। ग्रामीणों ने बेबसी भरी नजरों से देखते हुए बताया कि कई मजरों के ग्रामीण इकट्ठा बैठे हैं। बचाव के लिए फरसा, कुल्हाड़ी, भाला आदि साथ लिए हैं। कुदरत की ऐसी मार कभी नहीं देखी थी। नींद और सुकून सब नदारद है।
रात 12 बजे अमर उजाला के कैमरे में कैद हुआ भेड़िया
पड़ताल के दौरान पूरे हिंदू सिंह पुरवा गांव के पास रात 12 बजे एक भेड़िया सड़क किनारे चहलकदमी करता दिखा। वाहन की लाइट देखकर वह खेतों में भाग गया। उसका वीडियो कैमरे में कैद हो गया।
मक्कापुरवा में पीपल के पेड़ के नीचे मिली चार मांदे
भेड़िया प्रभावित ग्राम पंचायत सिकंदरपुर के मजरा मक्कापुरवा में शनिवार को ग्रामीणों ने पुराने पीपल के पेड़ के नीचे चार मांद देखी। मांदे भेड़िये की होने की आशंका जाहिर करते हुए तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना पर वन कर्मी मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। वहीं मांद के आसपास कैमरे लगाए, ताकि मांद में रहने वाले जानवार की पुष्टि हो सके। वहीं भेड़िया की मांद होने पर उन्हें पकड़ा जा सके।
फरसा-भाला लेकर गस्त करते रहे ग्रामीण, सिकंदरपुर में लगा सोलर
भेड़िया प्रभावित गांव रात भर जागते रहो के नारों से गूंजते रहे। वहीं भेड़ियों से परिजनों व बच्चों की सुरक्षा के लिए ग्रामीण टोली बनाकर गस्त करते रहे। इस दौरान ग्रामीणों के हाथ में फरसा, भाला, कुल्हाड़ी आदि भी देखने को मिला। वहीं सिकंदरपुर में प्रकाश के माकूल प्रबंध के लिए सोलर लाइट लगाई गई।