बहराइच। लगातार हो रही भारी बारिश व तेज हवा ने शनिवार को जिलेभर में जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया। 239 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। कई स्थानों पर पेड़ व बिजली के खंभे गिर गए। कच्चे मकान व टिन शेड क्षतिग्रस्त हुए, जबकि धान, गन्ना व केले की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। कैसरगंज व नानपारा में शुक्रवार रात दीवार गिरने से उसके नीचे दबकर महिला व ग्रामीण की मौत हो गई। रास्तों पर पेड़ गिरने से घंटों यातायात प्रभावित रहा।
कैसरगंज क्षेत्र के देवलखा में शुक्रवार रात बारिश के दौरान फूस के कच्चे मकान की दीवार गिर गई। मलबे में ननकई (52) दब गईं। ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। लेखपाल पवन चौहान ने टीम के साथ घटनास्थल का जायजा लेकर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेजी।
उधर, नानपारा के ग्राम भटेहटा में शुक्रवार रात मिट्टी की दीवार गिरने से उसके नीचे दबकर मिश्रीलाल (44) घायल हो गए। वह अपने भाई किशन कुमार के घर पर लेटे थे। तेज बारिश के कारण परिजन तत्काल अस्पताल नहीं ले जा सके। शनिवार सुबह अस्पताल पहुंचाया, इलाज के दौरान दोपहर करीब 12 बजे उनकी मौत हो गई। वह अविवाहित थे। उपजिलाधिकारी प्रकाश सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
खैरीघाट के देवदत्तपुर गांव में भी बारिश के दौरान छप्पर और दीवार गिरने से 50 वर्षीय लज्जाराम मलबे में दब गए। परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। कैसरगंज तहसील की ग्राम पंचायत कहरई में तेज हवा से रत्तीपाल यादव के मकान के सामने लगा पकड़िया का पेड़ गिर गया। इसकी चपेट में आकर बंधी भैंस की मौत हो गई।
शहर में कई स्थानों पर गिरे पेड़
शहर में शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे अस्पताल चौराहे के पास पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ। पुलिस लाइन रोड, गोंडा रोड और कलेक्ट्रेट कॉलोनी में भी पेड़ और डालियां गिरने से लोगों को परेशानी हुई। जलभराव से भी कई इलाकों में आवागमन प्रभावित रहा। रिसिया के आजाद नगर में पेड़ की चपेट में आने से एक युवक घायल हो गया। आसपास के लोगों ने अस्पताल भेजा।
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बिछिया में मकान, चहलवा व नई बस्ती में 14 घर गिरे
कतर्नियाघाट क्षेत्र के सुजौली क्षेत्र अंतर्गत बिछिया की नई बस्ती में सुमन देवी का मकान गिर गया। वहीं चहलवा में छह कच्चे मकान धराशायी हो गए। नई बस्ती गांव में कृष्णा, धनपाल यादव, लगन साहनी, छोटेलाल, विक्रम, हरेराम, विंधाचल, लाल बाबू के कच्चे मकान ढह गए। कारीकोट-सुजौली मार्ग पर भी पेड़ गिरने से आवागमन बाधित रहा।
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पयागपुर में लगा लंबा जाम
पयागपुर में गोंडा-बहराइच मार्ग पर तेज हवा से 13 स्थानों पर पेड़ गिर गए। इससे मार्ग बाधित हो गया और वाहनों की आधा किलोमीटर से अधिक लंबी कतार लग गई। एसडीएम संजय कुमार पांडेय, थानाध्यक्ष दीपक कुमार सिंह व उप वनाधिकारी कैलाश नाथ शुक्ला मौके पर पहुंचे। पेड़ों की डालियां कटवाकर मार्ग से अवरोध हटाया गया, जिसके बाद यातायात बहाल हुआ।
नवाबगंज-नानपारा मार्ग पर दो जगह पेड़ गिरे
नवाबगंज क्षेत्र में शुक्रवार रात रिक्खी गांव के पास नवाबगंज-नानपारा मार्ग पर आम का विशाल पेड़ गिर गया। शनिवार सुबह बीजे गांव के पास यूकेलिप्टस का पेड़ गिरने से मार्ग फिर बाधित हुआ। नवाबगंज कब्रिस्तान के पास भी यूकेलिप्टस का पेड़ गिरा। वन विभाग की टीम रास्ता खोलने में जुटी रही। ढोड़े गांव में पप्पू खान का खपरैल का मकान गिर गया। नवाबगंज थाने के पास संतोष साहू की दुकान का टिनशेड तेज हवा में उड़ गया।
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कैसरगंज में हाईवे पर एक किमी जाम
जरवल कटी के पास नेशनल हाईवे पर विशाल पेड़ गिरने से लखनऊ-बहराइच मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। इससे एक किमी से अधिक लंबा जाम लग गया। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से जेसीबी बुलाकर पेड़ हटाया गया।
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बारिश से फसलें भी प्रभावित
हुजूरपुर क्षेत्र में लगातार बारिश और तेज हवा से गन्ना, धान और केले की फसल को नुकसान पहुंचा है। तैयार केले के पौधे बड़ी संख्या में गिर गए हैं। खराब मौसम के कारण व्यापारी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे किसानों को केले के खराब होने की चिंता है। गन्ना और धान की गिरी फसल में भी पैदावार प्रभावित होने की आशंका है।
कतर्नियाघाट जंगल में जलभराव, वन्यजीवों की निगरानी बढ़ी
बिछिया। लगातार बारिश से कतर्नियाघाट वन क्षेत्र के निचले इलाकों और रास्तों में जलभराव हो गया है। जंगल में भी जगह-जगह पानी भर गया है। इससे वन कर्मियों की गश्त और आवागमन प्रभावित हुआ है। जंगल में पानी भरने से वन्यजीवों की सामान्य आवाजाही भी प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में बाघ और तेंदुओं के आबादी वाले इलाकों की ओर आने की आशंका बढ़ गई है। डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि सभी रेंजों के वन क्षेत्राधिकारियों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। आबादी वाले क्षेत्रों में लोगों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
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मुख्य मार्गों पर गिरे पेड़ों ने धीमी की बसों की रफ्तार
तेज हवा और बारिश से परिवहन निगम के बस संचालन पर भी असर पड़ा है। शनिवार सुबह गोंडा, भिनगा, इकौना, रुपईडीहा और लखनऊ मार्ग पर जगह-जगह पेड़ गिरने से बसें घंटों फंसी रहीं। यात्री, चालक और परिचालक पेड़ हटने का इंतजार करते रहे। लखनऊ और गोंडा मार्ग पर कई स्थानों पर पेड़ गिरने से बसें निर्धारित समय से काफी देर से गंतव्य तक पहुंचीं। एआरएम ज्ञानचंद ने बताया कि पेड़ गिरने से बस संचालन में परेशानी आ रही है।