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बारिश से भीगा गेहूं

Tue, 25 Apr 2017 12:13 AM IST
अमर उजाला/बहराइच
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बारिश से भीगी फसल - फोटो : अमर उजाला
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रात में आंधी के साथ हुई बारिश से किसानों को तगड़ी चपत लगी है। ओले गिरने से खेतों में तैयार खड़ी गेहूं की 20 फीसदी फसल को नुकसान हुआ है। वहीं, खेतों में पड़े गेहूं के गट्ठर भीग गए। क्रय केंद्रों पर भी किसानों से खरीदा गया गेहूं रखरखाव के अभाव में भीग गया। इससे जहां किसानों के माथे पर बल पड़ गए हैं। वहीं गेहूं खरीद व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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रविवार देर रात मौसम में हुआ बदलाव तराई के किसानों पर भारी पड़ा। इस समय गेहूं की कटाई और मड़ाई का दौर चल रहा है। अभी भी खेतों में पिछेती गेहूं की फसल या तो लगी है या फिर कटाई के बाद किसान गट्ठर बनाकर मड़ाई की तैयारी में थे। रात में आंधी के बाद हुई तेज वर्षा और गिरे ओलों से खेतों में कटाई के लिए खड़ी गेहूं की फसल को 20 फीसदी नुकसान पहुंचा है। वहीं, किसानों की गेहूं की फसल भीग गई।

सुबह किसान गट्ठरों को खोलकर सुखाते दिखे। इससे कटाई और मड़ाई का कार्य प्रभावित हो गया। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम बदलने से आंधी और वर्षा की स्थिति बनी। उन्होंने कहा कि लगभग 30 फीसदी किसान अभी भी कटाई और मड़ाई का इंतजार कर रहे थे। उनकी फसलें प्रभावित हुई हैं। खेत में खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है।
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हालांकि जो फसल कट चुकी थी, वह भीगी है। वहीं किसानों से खरीदा गया गेहूं क्रय केंद्रों पर रखरखाव के अभाव में रात में भीग गया। उसे भी क्रय केंद्र प्रभारी सुखाते नजर आए। हालांकि क्रय केंद्र प्रभारियों ने बौछार से गेहूं भीगने की बात बताई। 

डिप्टी आरएमओ कमलेश पांडेय ने बताया कि सभी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद और उसके रखरखाव की व्यवस्था है। गल्लामंडी में गेहूं भीगने की सूचना मिली थी। निरीक्षण किया गया, लेकिन गेहूं भीगा नहीं है। बौछारों के चलते नमी जरूर आई। उन्होंने कहा कि जिले में 117 खरीद केंद्र हैं। 86100 मीट्रिक टन का खरीद लक्ष्य है। इसके सापेक्ष 25 फीसदी से अधिक खरीद हो चुकी है। वहीं नानपारा गल्लामंडी में भारतीय खाद्य निगम और खाद्य रसद विभाग का क्रय केंद्र है। खाद्य निगम के प्रभारी अनुज शर्मा ने बताया कि 4900 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। जबकि खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा 3525 क्विंटल गेहूं की खरीददारी हुई है। 

मिहींपुरवा विकास खंड के पचासा गांव निवासी जानपाल सिंह का कहना है कि रात में आई आंधी-पानी से खेत में खड़ी गेहूं की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। 20 से 25 फीसदी गेहूं के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। वहीं शिवकुमार का कहना है कि गेहूं के साथ अरहर की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। जिस तरह मौसम बिगड़ा है। अगर तीन-चार दिन बाद पुन: आंधी-पानी की स्थिति बनी तो शायद ही लागत निकल पाए।
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