सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद शुरू हुई कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड की ओर से लगाए गए बांस-बल
बहराइच। नेपाल के पहाड़ी इलाके में रुक-रुक कर हो रही बारिश का असर अब तराई में दिखाई देने लगा है। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही महसी तहसील के पचदेवरी गांव के पास नदी ने तेज कटान शुरू कर दी है।
हालात ऐसे हैं कि पिछले वर्ष भारी तबाही झेल चुके इस गांव का अस्तित्व एक बार फिर संकट में पड़ गया है। कटान की रफ्तार ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है और लोग अपने घरों तथा जमीनों को बचाने की चिंता में हैं। महसी तहसील का पचदेवरी गांव कभी साढ़े पांच सौ मकानों की आबादी वाला बड़ा गांव था, लेकिन पिछले वर्ष सरयू की उफनती धारा ने 380 मकानों को अपने आगोश में ले लिया था। अब गांव में महज 120 मकान बचे हैं। गांव निवासी ननके और जगजीवन का कहना है कि बृहस्पतिवार को नदी में अचानक आए पानी के बाद धारा की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए बची हुई आबादी भी खतरे की जद में आ गई है। कई परिवारों ने सुरक्षित स्थानों की तलाश शुरू कर दी है।
वहीं कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड की ओर से मौके पर बल्ली पायलिंग का कार्य कराया जा रहा है। बांस और बल्लियां गाड़कर उनके बीच झाड़-झंखाड़ भरे जा रहे हैं, ताकि नदी की धारा का रुख मोड़ा जा सके। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक कटान की रफ्तार पर कोई प्रभावी रोक नहीं लग सकी है।
अचानक धारा बदलने से बिगड़े हालात : बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता जेपी वर्मा ने बताया कि सरयू नदी की धारा अचानक गांव की ओर मुड़ गई है, जिससे कटान तेज हुई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल बल्ली पायलिंग के जरिये कटान पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया जा रहा है। काफी हद तक सफलता भी मिली है। विभाग की कोशिश है कि नदी की धारा को दूसरी ओर मोड़कर गांव को सुरक्षित किया जा सके।