कलेक्ट्रेट में ज्ञापन देने आए मिहींपुरवा के ग्राम बखारी के ग्रामीण।
बहराइच। मिहींपुरवा विकास खंड की ग्राम पंचायत बखारी में भूमि विवाद को लेकर बृहस्पतिवार को ग्रामीणों का गुस्सा कलेक्ट्रेट पहुंचा। बड़ी संख्या में महिलाओं, बुजुर्गों और किसानों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन मजिस्ट्रेट को सौंपकर वर्ष 2003 में हुए अवैध पट्टों को निरस्त करने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो दर्जनों परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो जाएगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 1972 से 2002 के बीच उन्होंने असल काश्तकारों से भूमि का वैध बैनामा कराया था और दशकों से उसी जमीन पर काबिज हैं। उनका नाम खतौनी में भी दर्ज है, लेकिन बाद में भूमि को सीलिंग की अतिरिक्त जमीन घोषित कर अपात्र लोगों के नाम पट्टे आवंटित कर दिए गए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विवादित भूमि पर आज 70 से 80 मकान बने हैं और हजारों पेड़ खड़े हैं, फिर भी पैमाइश की कार्रवाई कर उन्हें हटाने की तैयारी की जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, पुराने बैनामों की बहाली और पैमाइश पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। इस दौरान अशोर सिंह, राम प्रताप, ओम प्रकाश वर्मा, भरथ, सुन्नू, सुदर्शन, साध्वी सिंह, बृजभान, योगेंद्र यादव और दीप चंद्र सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।