बहराइच। कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे तराईवासियों को बुधवार देर रात मौसम ने बड़ी राहत दी। रात करीब 12 बजे अचानक आसमान में बादल छा गए और तेज गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इससे तापमान में गिरावट हुई और पूरे जिले का मौसम सुहावना हो गया। हालांकि, इस बीच आई आंधी से कई इलाकों की बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई। इससे लोगों को पेयजल संकट का सामना भी करना पड़ा। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में बादल आते जाते रहे, हालांकि वर्षा नहीं हुई। मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से आई नमी और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव आया है। अगले दो-तीन दिनों तक बादलों की आवाजाही, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।
जिले में बुधवार रात आई आंधी से शहर के घंटाघर, छावनी चौराहा, काजीपुरा, गुलाम अलीपुरा, डीएम चौराहा, अस्पताल रोड, नाजिरपुरा और रेलवे स्टेशन क्षेत्र समेत कई मोहल्लों में रातभर बिजली की आवाजाही बनी रही। तेज हवा के कारण कई जगह फॉल्ट होने उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि सुबह तक अधिकांश क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल कर दी गई। महसी प्रतिनिधि के अनुसार बुधवार देरशाम आई तेज आंधी से कई स्थानों पर विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। इससे सधुवापुर, वाजपेईपुरवा, खमरिया, शिवगढ़, लोधपुरवा, बेटौरा, लखनापुर समेत करीब 50 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बृहस्पतिवार शाम तक भी आपूर्ति बहाल न होने से ग्रामीणों में नाराजगी दिखी। बिजली न होने से घरों की पानी टंकियां खाली हो गईं। इससे लोगों को हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ रहा है। एसडीओ शाहिद मसूद खान ने बताया कि विभागीय टीमें फाल्ट ढूंढ़कर मरम्मत कार्य में जुटी हैं और जल्द आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
धान की नर्सरी और फसलों के लिए वरदान
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. सीपीएम गौतम के अनुसार जून माह में हुई यह बारिश धान की नर्सरी, गन्ना, सब्जी और दलहनी फसलों के लिए बेहद लाभकारी है। खेतों में नमी बढ़ने से सिंचाई की जरूरत कम होगी और किसानों का खर्च भी घटेगा। हालांकि जलभराव वाले क्षेत्रों में निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है।
बदलते मौसम में स्वास्थ्य का रखें ध्यान
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. एसके वर्मा ने मौसम में अचानक बदलाव के बीच लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बारिश के बाद बढ़ी नमी से वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और जलजनित रोगों का खतरा बढ़ सकता है। लोगों को उबला या स्वच्छ पानी पीने, भीगने के बाद कपड़े बदलने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।