नेपाल में आंदोलन के चलते सीमा पर रुके वाहन
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विगत दिनों गिरफ्तार कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग को लेकर अखिल नेपाल नेकपा माओवादी विक्रम चंद विप्लव गुट की ओर से गुरुवार को नेपाल बंद का आहृवान किया गया था। उसी के तहत नेपाल के व्यापारिक और सरकारी प्रतिष्ठान गुरुवार को बंद रहे।
वाहन भी नहीं चले। संगठन की उग्रता को देखते हुए सीमा पर भारतीय वाहनों को नेपाल में प्रवेश नहीं दिया गया। इसके चलते भारतीय क्षेत्र में वाहनों के चक्के थमे रहे। लंबी कतारें लगी रहीं। उधर संगठन के तीन पदाधिकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है। ऐसे में संगठन व सरकार के बीच रार और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
नेपाल में आम आदमी की समस्याओं के लिए संघर्ष कर रहे अखिल नेपाल नेकपा माओवादी विक्रम चंद विप्लव गुट के एक केंद्रीय कार्यकर्ता को बीते सप्ताह पुलिस ने लोगों को भड़काने व जन विरोधी कृत्य के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
इस मामले में संगठन की ओर से कार्यकर्ता की रिहाई की मांग उठी। रिहाई नहीं होने पर संगठन की ओर से नेपाल बंद की घोषणा की गई। इसके चलते गुरुवार सुबह से नेपाल के बांके व बर्दिया जिलों में वाहन नहीं चले। व्यापारिक व सरकारी प्रतिष्ठान बंद रहे।
संगठन की उग्रता को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा पर नेपाल परिक्षेत्र स्थित जमुनहा पुलिस चौकी के जवानों ने भारतीय वाहनों को संगठन की हड़ताल के चलते नेपाल में प्रवेश से भी रोक दिया। सीमा पर 250 से अधिक ट्रक व अन्य वाहन फंसे रहे। खाद्य पदार्थ, सब्जी, फल के ट्रकों की भी नेपाल में इंट्री नहीं हो सकी।
उधर विप्लव गुट के केंद्रीय सदस्य व अंचल प्रमुख चक्र वीसी भंडारी, भेरी अंचल प्रमुख भरत रावत व अंकित भट्टाराई को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। एसपी बांके टेक प्रसाद राई ने बताया कि नेपाल में बंदी के चलते सीमा पर आवागमन रोका गया जिससे कोई अप्रिय घटना न हो। उन्होंने कहा कि आंदोलन समाप्त होने के बाद वाहनों को नेपाल में प्रवेश दिया जाएगा।