उर्रा (बहराइच)। ग्राम पंचायत उर्रा के ग्राम विकास अधिकारी की ओर से जिला प्रशासन के निर्देश के विपरीत काम किया जा रहा था। इसकी पुष्टि जांच में हुई। इस पर जिला प्रशासन ने ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया है। अभी उनके स्थान पर किसी की तैनाती नहीं हुई है।
मिहींपुरवा विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उर्रा में ग्राम विकास अधिकारी विजय शर्मा की तैनाती थी। उनके कार्यकाल में नाले का निर्माण हुआ। बनने के 15 दिन बाद ही पानी में नाला ढह गया। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से की। जिला पंचायत राज अधिकारी की रोक के बाद भी ग्राम विकास अधिकारी ने पुन: उसी ठेकेदार को सामुदायिक शौचालय निर्माण का जिम्मा दे दिया। ठेकेदार की ओर से पीले ईंटों से सामुदायिक शौचालय का निर्माण शुरू करा दिया गया। ग्रामीणों के विरोध पर अव्वल ईंटों से निर्माण हुआ। इतना ही नहीं मनरेगा जॉबकार्ड बनाने के काम में भी ग्राम विकास अधिकारी की ओर उदासीनता बरती जा रही थी। इस पर प्रशासन ने ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया है। बीडीओ चंद्रशेखर प्रसाद का कहना है कि वीडीओ को निलंबित कर दिया गया है। अभी उनके स्थान पर किसी की तैनाती नहीं हुई है।