कैसरगंज/देवलखा। ग्राम पंचायत बदरौली के मजरा भगतराम पुरवा में सोमवार को भेड़िये ने हमला कर एक बच्ची को जबड़े में दबोच लिया और खेत की ओर भाग निकला। बच्ची की चीख सुन चाचा के शोर मचाने पर ग्रामीण लाठी-डंडा लेकर दौड़े, चाचा ने पीछा कर घर से दो सौ मीटर दूर धान के खेत में भतीजी को भेड़िये के जबड़े से खींच लिया। उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
भगतराम पुरवा गांव निवासी रामकुमार की पुत्री चांदनी (5) सोमवार दोपहर बाद घर के आंगन में खेल रही थी, तभी अचानक एक भेड़िया आ धमका व मासूम को जबड़े में दबोचकर खेत की ओर भाग निकला। बालिका की चीख सुनकर कुछ दूरी पर मौजूद उसके चाचा सालिग राम ने शोर मचाते हुए भेड़िये का पीछा किया।
परिजन और ग्रामीण दौड़े, लगभग 200 मीटर दूर धान के खेत में सालिगराम का भेड़िये से सामना हुआ। लोगों की भीड़ और शोर के चलते भेड़िया बच्ची को छोड़ पास के गन्ने के खेत में घुस गया। हमले में बालिका के पेट, पीठ और गले पर गहरे जख्म हुए हैं।
ग्रामीणों की सतर्कता और शोर-शराबे की वजह से उसकी जान बच सकी। जख्मी बालिका को सीएचसी कैसरगंज ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
वन विभाग की टीम और कैसरगंज पुलिस मौके पर पहुंची, देर शाम तक कॉम्बिंग हुई, लेकिन हमलावर भेड़िये का पता नहीं लग सका। डीएफओ रामसिंह ने बताया कि जाल लगाकर भेड़िये को पकड़ने की कोशिश शुरू कर दी गई है।
साथ में थे दो भेड़िये
सालिगराम ने बताया कि जब वह भतीजी को बचाने के लिए पीछा कर रहे थे, तो उसी दौरान एक और भेड़िया आ धमका, लेकिन भीड़ के चलते दोनों गन्ने के खेत में घुस गए।
अब तक हो चुकी है छह लोगों की मौत
भेड़िये का आतंक थम नहीं रहा है। कैसरगंज इलाके में इसके पहले भेड़िये ने हमला कर दो बुजुर्गों सहित छह लोगों की जान ले ली है, जबकि अब तक 22 लोग जख्मी हो चुके हैं। घटना के बाद गांव में दहशत और भय का माहौल बन गया है। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और बच्चों को अकेले बाहर न निकलने की हिदायत दी है।