कैसरगंज के भिरगूपुरवा में कटान कर रही घाघरा नदी।
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बौंडी (बहराइच)। घाघरा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का दौर चल रहा है। इसके चलते कटान तेज हो गयी है। शनिवार को नदी की लहरों ने कटान करते हुए भिरगूपुरवा गांव निवासी दो ग्रामीणों के घरों को लील लिया। वहीं 129 बीघा खेती योग्य जमीन भी नदी में कट कर समा गई। कटान तेज होने से ग्रामीणों में दहशत है। वे अपने घरों से सामान समेट कर पलायन करने लगे हैं। सूचना के बावजूद अब तक पीड़ितों को राहत व सहायता नहीं मिल सकी है।
घाघरा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव चल रहा है। शनिवार को सुबह नदी का जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ा। लेकिन दोपहर में जलस्तर स्थिर हो गया। जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच घाघरा की कटान तेज हो गई है। नदी की लहरों ने कैसरगंज तहसील के भिरगूपुरवा गांव में कटान करते हुए गांव निवासी बब्लू और राजकुमार के घरों का अस्तित्व समाप्त कर दिया।
गौरतलब हो कि इस गांव में 300 परिवार थे। इनमें से कटान की दहशत के चलते अब तक 280 परिवार अपने आशियाने उजाड़ कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर गए हैं। इसके साथ ही नदी बिरजा पकड़िया, ग्यारह सौ रेती, रोहितपुरवा, गोड़ियनपुरवा, चंद्रदेवपुरवा और महावीरपुरवा के पास भी तेज कटान कर रही है।
129 बीघा खेती योग्य जमीन सुबह से दोपहर तक कटान की भेंट चढ़ गई। कटान की सूचना तहसील प्रशासन को दी गई है, लेकिन अभी तक कोई भी राजस्वकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा है। उधर, उपजिलाधिकारी रामजीत मौर्य का कहना है कि राजस्वकर्मी क्षेत्र में भ्रमण कर कटान पीड़ितों की सूची तैयार कर रहे हैं। कटान पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा।