बिछिया (बहराइच)। नए साल पर शुक्रवार को कतर्नियाघाट में 10 हजार पर्यटकों का हुजूम उमड़ा। देर शाम तक जंगल पर्यटकों से गुलजार रहा। नेचर ट्रेल देखकर पर्यटकों ने बोटिंग लुत्फ लिया।
जंगल के विभिन्न मार्गों पर भ्रमण किया। इस मौके पर वन विभाग ने सभी स्थानों पर निगरानी रखी। हालांकि पर्यटक बाघ और तेंदुए नहीं देख सके। हिरन देखकर ही सभी को संतोष करना पड़ा।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र को इको टूरिज्म के तहत संवारा गया है। इसी कारण इस वर्ष 2016 के पहले दिन सुबह से ही पर्यटक जत्थों में कतर्नियाघाट पहुंचने लगे हैं।
ककरहा रेंज में स्थित नेचर ट्रेल का भ्रमण कर सभी ने विभिन्न तरह की पक्षियों के कलरव को सुना। इसके बाद कतर्नियाघाट रेंज में नावघाट पर पहुंचकर घड़ियाल केंद्र में पल रहे घड़ियालों को देखा। बोटिंग के लिए पर्यटकों की कतारें लगी रहीं।
सुबह से देर शाम तक नाविक रामरूप और उनके सहयोगियों ने पर्यटकों को स्टीमर से कौड़ियाला नदी का भ्रमण कराया। डीएफओ आशीष तिवारी ने बताया कि शुक्रवार को अब तक का यह पहला मौका है।
जब इतनी संख्या में पर्यटकों की आमद हुई है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की संख्या 10 हजार के आसपास है। इससे वन विभाग को लगभग एक लाख की आमदनी हुई है।
वन क्षेत्राधिकारी गयादीन व डिप्टी रेंजर रमेश चंद्र ने बताया कि इसके पूर्व जंगल खुलने से अब तक वन विभाग को दो लाख की आय पर्यटकों के द्वारा हो चुकी है।