बहराइच। रंगों का पर्व होली बुधवार को जिले भर में मनाया जाएगा। इसके लिए तैयारियां पूरी हो गई हैं। शहर में घंटाघर चौक पर रंगों की बौछार होगी। रंगों के पर्व होली से पहले ही जिले में उत्साह चरम पर है। सोमवार से बच्चों और किशोरों ने चौक-चौराहों व गलियों में रंगों की फुहार शुरू कर दी है, जबकि मंगलवार को शहर के ऐतिहासिक घंटाघर चौराहे पर भव्य रंगोत्सव की तैयारी पूरी कर ली गई है।
होली समिति के अध्यक्ष दीपक सोनी दाऊ जी ने बताया कि इस बार भी परंपरागत ढंग से घंटाघर चौक पर होली खेली जाएगी। इसके अलावा शहर के अन्य चौक-चौराहों पर भी होली का उल्लास दिखेगा। इसके लिए चौराहों को सजाया गया है। होली के दिन पानी की सप्लाई अनवरत रहेगी।
उन्होंने कहा कि शहर के 19 जोन में सभी को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। चांचरों की टोली आकर्षण का केंद्र रहेगी। क्षेत्र में युवाओं की टोलियां ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर रंग बरसाने के लिए तैयार हैं।
शहर के साथ-साथ नानपारा, कैसरगंज और महसी क्षेत्र के कस्बों व गांवों में भी होली का उल्लास साफ दिखाई दे रहा है। बच्चे समूह बनाकर एक-दूसरे को रंग लगा रहे हैं और होली है... से माहौल गूंज रहा है। ग्रामीण अंचलों में फगुआ पर महिलाएं पारंपरिक अंदाज में उत्सव मना रही हैं।
होली पर याद रखें ये नंबर:
- एंबुलेंस सेवा : 108
- पुलिस आपात सेवा : 112
- जिला कंट्रोल रूम (लैंडलाइन): 05252-232417
- जिला कंट्रोल रूम (मोबाइल): 8542871725
केमिकल वाले रंगों से रहें सावधान
होली का त्योहार रंगों और उमंग का प्रतीक है, लेकिन बाजार में बिक रहे सस्ते और केमिकल युक्त रंग लोगों की सेहत पर भारी पड़ सकते हैं। मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पी तिवारी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि रासायनिक रंगों के प्रयोग से आंखों की रोशनी तक जा सकती है। उन्होंने लोगों से सुरक्षित और प्राकृतिक रंगों के इस्तेमाल की अपील की है।
क्या हो सकते हैं खतरे
- आंखों में जलन, धुंधलापन और संक्रमण।
- त्वचा पर एलर्जी, रैशेज और जलन।
- सांस लेने में तकलीफ, दमा के मरीजों के लिए खतरा।
- बालों की जड़ों को नुकसान।
बचाव के उपाय:
- प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें।
- होली खेलते समय चश्मा पहनें और आंखों को बार-बार न रगड़ें।
- त्वचा पर पहले तेल लगाएं।
- गहरे रंगों से दूरी रखें, काले, चांदी या गहरे हरे रंग में अधिक रसायन हो सकते हैं।