तिलकपुर गांव के निकट राप्ती नदी में बन रहा तटबंध।
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श्रावस्ती। तिलकपुर मोड़ के निकट राप्ती नदी से फोरलेन में होने वाली कटान को टालने का प्रयास शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही तिलकपुर गांव के अस्तित्व पर मंडरा रहे संकट के बादल भी छटने लगे हैं।
रलेन से दस मीटर की दूरी तक पहुंच चुकी राप्ती नदी की धारा को मोड़ने के लिए बांध का निर्माण प्रारंभ करा दिया गया है। इसको बरसात से पहले हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया गया है। सब कुछ ठीकठाक रहा तो जून तक बांध निर्माण का कार्य पूरा करा लिया जाएगा।
भकला पुल के निकट पांच वर्षों से राप्ती लगातार मार्ग बदल रही है, जिसे रोकने के लिए बनाए गए ठोकर भी खास सफल होते नजर नहीं आए। दो वर्षों से राप्ती की लहरें पास से निकली फोरलेन व तिलकपुर गांव को अपनी जद में लेने को बढ़ रही हैं।
इसके चलते नदी से फोरलेन की दूरी मात्र दस मीटर ही शेष बची है। लक्ष्मननगर के निकट फोरलेन कट जाने के कारण ही विगत वर्ष तिलकपुर गांव का अस्तित्व बचा था। इससे भयभीत ग्रामीणों की ओर से लगातार प्रदर्शन कर बांध निर्माण कराने की मांग की जा रही है।
इससे सबब लेते हुए प्रशासन की ओर से भकला पुल से भंगहा मार्ग तक बांध का निर्माण प्रारंभ करा दिया गया है। इस कार्य को पूरा करने के लिए संस्था को तीस जून तक का समय दिया गया है।
इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी एनपी सिंह बताते हैं कि फारेलेन व तिलकपुर को कटान से बचाने के लिए शुरू हुआ बांध निर्माण का कार्य बरसात से पूर्व हर हाल में पूरा कराया जाएगा। इसके साथ ही भकला पुल का वजूद कायम रहे इसका हर संभव प्रयास किया जा रहा है।