बिछिया। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के गिरिजापुरी इलाके में लगातार तीसरे दिन बुधवार सुबह बाघ फिर दिखाई देने की सूचना मिलते ही वन विभाग ने प्रशिक्षित हाथियों के साथ कांबिंग शुरू कर दी। लगातार बाघ के दिखने से गिरिजापुरी कॉलोनी में दहशत का माहौल है।
कॉलोनी के लोगों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से बाघ जंगल से सटे सड़क मार्ग पर दिखाई दे रहा है। पुरानी पुलिस चौकी से इंटर कॉलेज जाने वाले रास्ते से गुजरने वाले बाइक सवारों को देखते ही बाघ उनका पीछा करने लगता है, जिससे लोगों में भय व्याप्त है।
ग्रामीणों के मुताबिक मंगलवार शाम कॉलोनी निवासी नरेंद्र कुमार यादव बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान झाड़ियों से निकला बाघ अचानक सड़क पर आ गया और उनकी बाइक के पीछे कुछ दूर तक दौड़ता रहा। नरेंद्र किसी तरह तेज रफ्तार से बाइक चलाकर कॉलोनी पहुंचे और अपनी जान बचाई। घटना की जानकारी फैलते ही पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
बाघ की लगातार मौजूदगी के कारण महिलाएं और बच्चे घरों से निकलने से कतरा रहे हैं। सुबह-शाम दूध, सब्जी और अन्य जरूरी सामान लेने जाने वाले लोग भी अब अकेले निकलने के बजाय समूह बनाकर आवाजाही कर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से इलाके में गश्त बढ़ाने और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
वहीं, बाघ के मूवमेंट की खबर पाकर वन विभाग की टीमें मौके पर डेरा डाले हुए हैं। हथिनी चंपाकली और जयमाला की मदद से जंगल के घने हिस्सों में बाघ की लोकेशन ट्रैक की जा रही है, ताकि उसकी सही स्थिति का पता लगाकर उसे आबादी की ओर बढ़ने से रोका जा सके।
डीएफओ अपूर्व दीक्षित का कहना है कि बाघ की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, फिर भी एहतियात के तौर पर लोगों से जंगल के किनारे जाने और अकेले आवागमन से बचने की अपील की गई है। वन कर्मी लगातार गश्त कर रहे हैं और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। यदि बाघ आबादी की ओर बढ़ने की कोशिश करता है तो कॉबिंग कर उसे जंगल की ओर मोड़ने की कार्रवाई की जाएगी।