तराई में बदल रहे मौमस के चलते निमोनिया और बर्थ एक्सपीसिया का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिला अस्पताल में भर्ती तीन मासूमों की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई, वहीं 19 और रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें दो की हालत नाजुक बताई जा रही है।
इस समय तराई का मौसम पल-पल बदल रहा है, जिसका नतीजा संक्रामक रोगों के रूप में सामने आ रहा है। मोतीपुर क्षेत्र के गोड़ियाना गांव निवासी बाल किशन की आठ वर्षीय बेटी उमा देवी को उल्टी, दस्त और बुखार की दो दिन पूर्व शिकायत हुई थी। उसकी सांसें भी उल्टी चल रही थीं। इस पर परिवारीजन उसे जिला अस्पताल लाए थे। यहां पर निमोनिया और डायरिया की पुष्टि हुई थी। जिला अस्पताल में उसका इलाज किया जा रहा था, इसी बीच सोमवार सुबह उ
मा ने दम तोड़ दिया। उधर, हुजूरपुर के अल्लीपुर गांव निवासी राकेश की पत्नी धनपता ने सोमवार सुबह बेटी को जन्म दिया, लेकिन एक घंटे बाद उसकी तबियत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने बर्थ एक्सपीसिया की पुष्टि की। इलाज के दौरान दोपहर बाद नवजात ने दम तोड़ दिया।
वहीं, भिनगा निवासी हलवत की पत्नी खतीजा ने बेटे को जन्म दिया था। उसने भी बर्थ एक्सपीसिया से दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल में निमोनिया, कोल्ड डायरिया से पीड़ित और 19 रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें झब्बू (3) और मांसी (एक) की हालत नाजुक बताई जा रही है।