बहराइच। सुजौली क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों में बीते एक माह से पांच से 10 वर्ष की तीन बच्चियों का अपहरण करने वाले बदमाश का खौफ है। मात्र छह दिनों के भीतर ही अपहरणकर्ता ने परिजनों के साथ सो रही दो बच्चियों को अपना शिकार बनाया है। एक बालिका का इलाज ट्रॉमा सेंटर लखनऊ तो दूसरी का इलाज मेडिकल कॉलेज बहराइच में चल रहा है। दोनों की हालत गंभीर बनी है।
इधर, छह दिनों में हुईं दो घटनाओं से पूरे क्षेत्र मेंं दहशत बढ़ गई है। ग्रामीण अपनी बेटियों को घरों के अंदर सुला रहे हैं। वहीं दिन के समय भी लोग बच्चियों को आवश्यक होने पर ही बाहर निकलने दे रहे हैं। इन सबके बीच पुलिस की कार्यशैली पर भी लोग सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने खुद संभाली कमान, कर रहे रखवाली
बच्चियों के गायब होने की घटनाओं के चलते क्षेत्र में खौफ इतना है कि ग्रामीण स्वयं अपनी बेटियों की सुरक्षा कर रहे हैं। कुछ ग्रामीण जहां रात के समय गांव में पहरा दे रहे हैं तो वहीं कई घरों पर रतजगा कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस सजग नहीं है, जिसके चलते लगातार बालिकाएं शिकार बन रही हैं।
एक ही तरह से घटना को दे रहा अंजाम
सुजौली क्षेत्र में दहशत का पर्याय बन चुका अपहरणकर्ता एक ही तरह से बच्चियों को अपना शिकार बना रहा है। वह बच्चियों को रात को लगभग दो से तीन बजे के बीच उनके बिस्तर से उठा ले जाता है। वहीं इसके लगभग 12 से 16 घंटे बाद बच्चियों को गांवों के पास नहर किनारे छोड़ कर भाग जाता है।
पिटाई व दुष्कर्म का आरोप
अपहृत बच्ची की मां ने आरोप लगाते हुए बताया कि बेटी देर शाम को नहर किनारे बैठी रो रही थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पूछताछ की और जांच की। लेकिन जब उसे घर लाए तो वह चिपक कर रोने लगी। जब उसके कपड़े बदलने की कोशिश की तो उसके प्राइवेट पार्ट से खून निकलता मिला। साथ ही चोट के निशान मिले। मां ने बताया कि बेटी के साथ दुष्कर्म भी किया गया है।
आरोपी को पकड़ने के लिए पांच टीमें गठित
परिवार के साथ सो रही बालिका लापता हो गई थी। पुलिस ने केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की थी। इससे पूर्व भी दो अन्य बालिकाएं लापता हुई थीं, उन्हें भी बरामद कर लिया गया था। बालिकाओं के मेडिकल जांच की कार्रवाई जारी है। बच्चियों से ली गई जानकारी के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें लगाई गई हैं। जल्द आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा। - डीपी तिवारी, एएसपी ग्रामीण