जिले में दिमागी बुखार का कहर थम नहीं रहा है। जिला अस्पताल में भर्ती तीन और रोगियों की इलाज के दौरान शनिवार को मौत हो गई। उधर विभिन्न संक्रामक रोगों से ग्रसित 19 और रोगी जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। इनमें दो रोगियों की हालत नाजुक बताई जा रही है।
तराई में बदलते मौसम के चलते दिमागी बुखार कहर बना है। जिला अस्पताल में तीन दिन पूर्व पंकज (6) पुत्र सिपाही लाल निवासी जमुनी ललिया बलरामपुर, चांदनी (8) पुत्री मंगतू निवासी रहवा बौंडी तथा प्रदीप कुमार (10) पुत्र बाबूलाल निवासी खैरीघाट को भर्ती कराया गया था। इन सभी को तेज बुखार के साथ झटके आ रहे थे।
डॉक्टरों ने दिमागी बुखार की आशंका जताई। रक्त परीक्षण के लिए भेजा गया लेकिन रिपोर्ट अभी नहीं मिल सकी। इस बीच शनिवार सुबह तीनों रोगियों की हालत बिगड़ गई। डॉक्टरों की कोशिश के बावजूद तीनों रोगियों की मौत हो गई।
उधर शनिवार को विभिन्न संक्रामक रोगों से पीड़ित19 और लोग भर्ती कराए गए हैं। इनमें जगरूप (12) निवासी कैसरगंज और छाया (3) निवासी वजीरगंज की हालत नाजुक बताई जा रही है। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा ने बताया कि दो दिन में बुखार पीड़ित रोगियों की संख्या में अचानक इजाफा हुआ है।