बहराइच। ग्राम बहरामपुर, जरवलरोड निवासी हत्या के एक दोषी को एडीजे प्रथम की अदालत ने मंगलवार को सात वर्ष के सश्रम और दो सह अभियुक्तों को एक-एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। मुख्य दोषी पर 16 हजार पांच सौ व दोनों सह अभियुक्तों पर 15-15 सौ रुपये का जुर्माना भी लगाया।
महिला इंद्रासन ने 22 सितंबर 1999 को जरवलरोड थाने में तहरीर देकर कहा था कि उनकी बेटी को खेलावन की बेटी बंटी ने नदी में नहाने के लिए बुलाया था। बेटी के मना करने पर उसने उसको धक्का देकर पानी में गिरा दिया। बेटी ने घर पर आकर घटना की जानकारी दी।
पति सीताराम घटना की शिकायत करने के लिए खेलावन के घर गए, लेकिन वह घर पर नहीं मिले। कुछ देर बाद शाम को पृथ्वीराज हाथ में बल्लम, खेलावन व दुलारी लाठी लेकर घर पर पहुंचे और गाली देते हुए पति सीताराम को मारने लगे। घटना में पति को गंभीर चोट आने पर उनकी मौत हो गई।
इस शिकायत पर पुलिस ने खेलावन, दुलारी व पृथ्वीराज के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज की जांच की थी। इस मामले की सुनवाई करते हुए एडीजे प्रथम पवन कुमार शर्मा द्वितीय ने मुख्य आरोपी पृथ्वीराज को सात वर्ष, खेलावन व दुलारी को एक-एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।