बौंडी/फखरपुर। चारपाई पर सो रही मासूम को रविवार सुबह एक भेड़िया जबड़े में दबोच ले गया। बच्ची के परिजनों और ग्रामीणों ने भेड़िये का पीछा किया, लेकिन वह बच्ची को ले जाकर गन्ने के खेत में गायब हो गया। हालांकि दोपहर में वन कर्मियों ने भेड़िये को मार गिराया लेकिन बच्ची का पता नहीं चल सका।
गांव निवासी राकेश यादव की बेटी शानवी (2) रविवार सुबह छप्पर के घर में चारपाई पर सो रही थी। तड़के पांच बजे के आसपास मां बच्ची को रजाई ओढ़ाकर खेत के लिए गई थी। परिजन पशुओं को चारा डालने में व्यस्त थे, तभी अचानक भेड़िया छप्पर में घुसा और बच्ची को जबड़े में दबोचकर जंगल की ओर भाग गया। बच्ची की चीख सुनकर परिजन दौड़े, लेकिन तब तक भेड़िया गन्ने के खेतों में ओझल हो चुका था।
परिजनों ने ग्रामीणों के साथ तलाश शुरू की तो खेत में कई जगह खून और मांस के अवशेष मिले। इस पर परिवार के लोग बिलख उठे। पुलिस और वन विभाग की टीम ने भी खोजबीन शुरू की लेकिन बच्ची का पता नहीं लग सका।
डीएफओ राम सिंह यादव ने बताया कि ड्रोन कैमरे की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया गया। उन्होंने बताया कि दोपहर में मंझारा तौकली ग्राम पंचायत के बभनन पुरवा गांव के निकट ग्रामीणों ने भेड़िया दिखने की बात कही। इस पर शूटरों ने कॉम्बिंग करते हुए गन्ने के खेत में छिपे लंगड़े भेडिये को मार गिराया।
मारी गई भेड़िया मादा है। डीएफओ ने कहा कि इस भेड़िये की तलाश में ही टीमें लगातार जुटी हुई थीं। उन्हों कहा कि डाक्टरों का पैनल पोस्टमार्टम करेगा इसके बाद भेड़िये के शव को जला दिया जाएगा।
पैर में गोली लगने से लंगड़ा हुआ था भेड़िया
डीएफओ ने बताया कि 20 दिन पूर्व कॉम्बिंग के दौरान शूटरों ने मंझारा तौकली के निकट दो भेड़ियों पर निशाना लगाया था। एक भेड़िया ही मारा गया था जबकि दूसरा घायल होने के बावजूद भाग निकला था। इसके बाद ड्रोन कैमरे में कई बार उसकी तस्वीर कैद हुई थी लेकिन पकड़ में नहीं आ रहा था। अकेला होने के चलते रुक-रुक कर वह हमला कर रहा था।
भेड़िये के हमले में इनकी हुई मौत
10 सितंबर को मंझारा तौकली के परागपुर निवासी ज्योति(4) पुत्री रामजीत
12 सितंबर को भौंरी के बहोरवा निवासी संध्या (4 माह) पुत्री दिनेश
20 सितंबर मंझारा तौकली गंदूझाला निवासी अंकेश (3) पुत्र रक्षाराम यादव (भेड़िया उठा ले गया लाश नहीं मिली)
24 सितंबर -बाबा बंग्ला मंझारा तौकली निवासी सोनी (2)पुत्री बाबूलाल
30 सितंबर -प्यारे पुरवा निवासी खेदन (70) और उनकी पत्नी मनकी (65)
02 नवंबर- कंदौली गांव निवासी शानवी (2) पुत्री राकेश (भेड़िया उठा ले गया पर लाश नहीं मिली)
पकड़े गए और मारे गए भेड़िये एक नजर में
10 सितंबर को सिसैय्या के हरिबक्शपुरवा से मादा भेड़िया पकड़ी गई
7 जून 2025 को बंभौरी के पचासा गांव के पास एक मादा भेड़िया पकड़ी गई
28 सितंबर को मंझारा तौकली में एक भेड़िये को गोली मारी गई थी, मौत
30 सितंबर को दो भेड़ियों को गोली मारी गई, लेकिन वे जंगल में भाग निकले,मौत की पुष्टि नहीं
16 अक्तूबर को मंझारा तौकली के भिरगू पुरवा गांव में वन विभाग के शूटर ने गोली मार दी,मौत
02 नवंबर को मंझारा तौकली के बभनन पुरवा में लंगडे़ भेड़िये को वन विभाग के शूटर ने मार डाला