फखरपुर (बहराइच)। केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा स्वच्छता के नाम पर भारी-भरकम बजट जारी किया जाता है। पंचायतवार सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है और जगह-जगह कूड़े से निजात दिलाने के लिए कूड़ा घर बनाया जा रहा है। लेकिन फखरपुर विकासखंड के जिम्मेदारों की उपेक्षा के चलते यहां स्वच्छता संबंधी सारी योजनाएं दम तोड़ती नजर आ रही हैं। ब्लॉक क्षेत्र की 86 ग्राम पंचायतें तो दूर लापरवाही के चलते फखरपुर कस्बे व इससे सटी ग्राम पंचायतों की भी सफाई व्यवस्था बेपटरी है।
आलम यह है कि कस्बे में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। इससे कस्बे के लोगो में भारी आक्रोश है। संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका को लेकर नाराज हैं। ग्रामीण सलमान, एजाज, राजन, जितेंद्र, एहतशाम आदि ने बताया कि ज्यादातर सफाईकर्मी ब्लॉक मुख्यालय स्थित कार्यालयों पर जमे रहते हैं। न तो कूड़ा उठाया जाता है और न ही सफाई की जाती है।
सीन- 01, माधोपुर डाकखाना
रास्ते पर फैला कूड़ा
फखरपुर कस्बे से सटी माधोपुर पंचायत में जगह-जगह गंदगी का अंबार है। रविवार को की गई पड़ताल में डाकखाने के पास कूड़े का बड़ा ढ़ेर मिला। कूड़ा रास्ते तक बिखरा मिला और लोग कूड़े के बीच से गुजरते और शासन-प्रशासन को कोसते हुए नजर आए।
सीन- 02, बाजार जाने का मुख्य मार्ग
सड़क पर गंदे पानी से उठती दुर्गंध
माधोपुर पंचायत से मुख्य बाजार जाने वाला रास्ता कूड़े के ढेर के बीच से होकर गुजर रहा है। सड़क पर गंदा पानी जमा है। गंदगी और दुर्गंध का आलम यह है कि लोग यहां से नाक बंद कर गुजरते देखे गए।
सीन- 03, फखरपुर
नालियां चोक
फखरपुर ग्राम पंचायत में कूड़े के ढेर के साथ गंदा पानी भी मुख्य समस्या है। ग्रामीणें के अनुसार चोक नालियों से बह रहे गंदे पानी के चलते छात्र-छात्राओं के ड्रेस व जूते खराब हो जाते हैं। वहीं, गंदे पानी के चलते मच्छर की समस्या बढ़ी है।
सीन- 04, रामलीला मैदान मार्ग
कूड़े घर के चारों तरफ फैला कूड़ा
फखरपुर कस्बा स्थित रामलीला मैदान जाने वाले मार्ग के किनारे कूड़ा निस्तारण के लिए कूड़ाघर बनाया गया है। लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते कूड़ेघर से कूड़ा नहीं उठाया गया है। चारों तरफ कूड़ा फैला हुआ है। जिससे दुर्गंध निकलती है।
सफाई कार्य में लापरवाही बरतने वालों की जांच करवाकर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही टीम बनाकर कस्बे व ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई करवाई जाएगी।
- अजय प्रताप सिंह, बीडीओ