रुपईडीहा में अधूरी पड़ी पानी की टंकी।
रुपईडीहा (बहराइच)। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रुपईडीहा कस्बे में वर्ष 2017 में शुरू हुई सात करोड़ रुपये की पानी टंकी परियोजना आज भी अधूरी पड़ी है। आठ साल बीतने के बाद भी शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं हो सकी है, जिससे स्थानीय जनता में गहरा आक्रोश और निराशा है।
परियोजना का उद्देश्य कस्बे के लोगों और नेपाल से आने वाले नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना था। प्रारंभ में कार्य में तेजी दिखाई गई। टंकी का निर्माण शुरू हुआ, पाइप लाइनें बिछाई गईं। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, काम ठप पड़ गया। आज स्थिति यह है कि उपयोग में न आने के कारण डाली गई पाइप लाइनें जर्जर हो चुकी हैं। वहीं आठ प्रस्तावित नलकूपों में से केवल तीन का ही बोर अब तक हो पाया है। स्थानीय रतन अग्रवाल का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। व्यापार मंडल अध्यक्ष अनिल अग्रवाल, कोषाध्यक्ष बलराम मिश्रा, उपाध्यक्ष हाजी अब्दुल रहीम, और बलराम शुक्ला सहित कई स्थानीय लोगों ने इस अधूरी परियोजना को जनता के साथ धोखा और शासन की घोर लापरवाही बताया है।