पयागपुर (बहराइच)। भ्रष्टाचार सरकारी मशीनरी पर इस कदर हावी है कि जिम्मेदार बेजुबान गोवंशों का चारा डकारने से भी नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामला पयागपुर विकासखंड के गोआश्रय स्थल बनकटा का सामने आया है। जहां जिम्मेदारोंं ने कागजों में गोवंशों की संख्या मेंं हेरा-फेरी कर उनके चारे के रुपये डकार लिए। इस मामले में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) ने सचिव का वेतन रोक दिया है।
सड़क व ग्रामीण क्षेत्रों में निराश्रित घूम रहे गोवंशों को आश्रय देने के लिए सरकार ने जगह-जगह गोआश्रय स्थल बनाए हैं। वहीं गोआश्रय स्थल में मौजूद गोवंशों की देखरेख व चारे पर प्रति गोवंश 50 रुपये प्रतिदिन देती है। लेकिन जिम्मेदार गोआश्रय स्थलों में रह रहे बेजुबानों के चारे के रुपये भी नहीं छोड़ रहे। पयागपुर बीडीओ दीपेंद्र पांडेय ने 17 अप्रैल 2025 को ग्राम पंचायत बनकटा में संचालित गोआश्रय स्थल का निरीक्षण किया था। इस दौरान मौके पर 82 गोवंश मिले थे, जबकि कागजों में 100 गोवंशों को दिखाकर खर्च निकाला जा रहा था। वहीं व्यय और स्टॉक पंजिका भी मेंटेन नहीं मिली थी। इस पर ग्राम विकास अधिकारी हर्ष दीक्षित से स्पष्टीकरण तलब करते हुए केस दर्ज करवाने की चेतावनी दी थी। बीडीओ ने बताया कि अब सचिव का वेतन भी रोक दिया है।