बहराइच। दूसरों की जान बचाने वाला अग्निशमन विभाग स्वयं समस्याओं से ग्रस्त हो गया है। विभाग 14 चालकों की जगह महज चार चालकों के सहारे काम चला रहा है। ऐसे विभाग के कर्मियों को अग्निकांड की घटना के दौरान मौके तक पहुंचने के लिए चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
तराई में गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। दिन-प्रतिदिन पारा बढ़ने के साथ जिले में अग्निकांड की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं। जिले के कैसरगंज, महसी, नानपारा, पयागपुर में प्रतिवर्ष सबसे ज्यादा अग्निकांड की घटनाएं होती हैं। विभाग के संसाधनों की बात करें तो मौजूदा समय अग्निशमन विभाग में वाहनों की कोई कमी नहीं है, लेकिन वाहनों को चलाने के लिए चालकों का भारी अभाव है।
अग्निशमनकर्मी महज चार चालकों के भरोसे अग्निशमन की घटनाओं पर अंकुश लगाने की कोशिश में जुटा हुआ है। मौजूदा समय 14 वाहन विभाग के पास मौजूद हैं। हालात यह है कि अगर जिले की तहसीलों में एक साथ कई स्थानों पर अग्निकांड की घटना हो जाती है, तो चालकों के अभाव में अग्निशमनकर्मियों को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। ऐसे में अग्निकांड पीड़ितों को काफी नुकसान उठाना पड़ जाता है। विभाग के जिम्मेदारों के मुताबिक चालक को लेकर कई बार शासन स्तर पर पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन चालकों की कमी पूरी नहीं हो पा रही है।
मार्च में हो चुकी हैं 64 घटनाएं
जिले की विभिन्न तहसीलों में मार्च माह के दौरान 64 अग्निकांड की घटनाएं हो चुकी हैं। वहीं अप्रैल की शुरुआत में दस दिनों में आठ घटनाएं हुईं। विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो अग्निकांड की घटना में 40 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। वहीं अग्निशमनकर्मियों की ओर से घटनाओं में एक करोड़ 36 लाख से अधिक की संपत्तियों को मौके पर पहुंचकर बचाया जा चुका है।
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रास्ते के अभाव में नहीं संचालित हो रहा है अग्निशमन विभाग
तहसील महसी के मासाडीह गांव में दस करोड़ खर्च कर अग्निशमन भवन का निर्माण कराया गया था, लेकिन रास्ते के अभाव में उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। तहसील क्षेत्र में अग्निकांड की घटना होने के बाद जिला मुख्यालय से दमकल विभाग पहुंचता है। ऐसे में यहां घटना पर त्वरित सहायता नहीं मिल पाती है।
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किया गया है पत्राचार
चालकों की नियुक्ति के लिए विभाग मुख्यालय के उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है। तीन चालकों के मिलने की संस्तुति भी मिल चुकी है, लेकिन प्रदेश में चालकों का अभाव होने से चालक अभी तक जिला मुख्यालय नहीं पहुंच पाए हैं। शीघ्र तीन चालकों को मिलने की उम्मीद है। -गोंड विशाल रामानुज, सीएफओ अग्निशमन केंद्र