मिहींपुरवा क्षेत्र में फसल का नुकसान दिखाता किसान।
मिहींपुरवा/जरवलरोड (बहराइच)। तराई में एक सप्ताह के भीतर रूक-रूक कर हुई बारिश व तेज आंधी ने गेहूं किसानोंं के साथ-साथ फल-सब्जी किसानों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। बारिश व आंधी से जहां टमाटर के टूटने व रोग लगने से नुकसान हुआ है वहीं खीरा-ककड़ी में कीड़े लगने लगे। दूसरी तरफ नदी की कछार में किसानों द्वारा बोए गए खरबूज व तरबूज को भी नुकसान हुआ है।
मिहींपुरवा तहसील से गुजरी घाघरा व सरयू नदी कछार में किसानों द्वारा बड़े पैमाने पर खरबूज, तरबूज, खीरा, ककड़ी के साथ-साथ सब्जियों की खेती की जाती है। पीलीभीत, शाहजहांपुर, फर्रूखाबाद आदि के किसान चहलवा से सोमईगौढ़ी तक घाघरा नदी और गायघाट से लेकर गढ़ीघाट तक सरयू नदी के कछार में खेती करते हैं। बीते दिनों बारिश के साथ गिरे ओले ने इन किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। पुरैना के किसान रमजान, आशिक अली, बगहा के विक्रम सरयूपुरवा अर्जन, तिलकराम आदि ने बताया कि ओले से फल फूल और लताएं टूट गई हैं। इसका सीधा असर पैदावार पर पड़ेगा।
ककड़ी, खीरा व टमाटर को भी नुकसान
जरवलरोड के किसान दिनेश कुमार ने बताया कि बारिश व हवाओं से सबसे ज्यादा नुकसान ककड़ी व खीरे की फसल को हुआ है। फलों पर बारिश व तेज हवाओं के चलते कीड़े लगने लगे हैं। वहीं सब्जी की खेती करने वाले किसान सुभाष ने बताया कि बारिश व आंधी के थपेड़ों से टमाटर व फूल गोभी में पछेती फसल पर झुलसा रोग लग गया है। उन्होंंने बताया कि लगभग पांच बीघा फसल बर्बाद हो गई।